स्पीकर बिंदल के खिलाफ बंद होगी एक और जांच, ये था गड़बड़झाला
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष और धूमल सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे डॉ. राजीव बिंदल के खिलाफ एक और जांच बंद होगी। उन पर स्वास्थ्य मंत्री रहते राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में गड़बड़झाले के आरोप थे। धूमल सरकार में विपक्षी कांग्रेस ने इस आरोप को कांग्रेस चार्जशीट में शामिल किया था।
बाद में जब वीरभद्र सरकार सत्ता में आई तो इसे आधार बनाकर प्रारंभिक जांच शुरू की गई। अब जयराम सरकार ने इस इन्कवायरी को राजनीतिक रंजिश से दर्ज मानते हुए बंद करने के आदेश दिए हैं, जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह जांच वर्ष 2013 में शुरू की गई थी। विजिलेंस ब्यूरो ने इसे शिकायत संख्या 29/2013 अंकित कर शुरू किया।
हालांकि, कांग्रेस चार्जशीट में महज तीन-चार लाइनों में ही यह आरोप थे कि धूमल सरकार के कार्यकाल में केंद्र से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में आए बजट का ठीक से इस्तेमाल नहीं किया गया और इसमें गड़बड़ी हुई। इसके अतिरिक्त कैलेंडर, डायरी आदि स्टेशनरी की सामग्री को छापने में भी फंड का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए।
भर्ती में अनियमितताओं के मामले को भी वापस लेने की अरजी
इससे सरकारी कोष को नुकसान पहुंचने की बात की गई। वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई यह जांच बेनतीजा ही रही थी। इस पर एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी थी। सूत्रों ने बताया कि इस मामले को बंद करने के आदेश के साथ ही तमाम संबंधित अधिकारियों से इस पर ओपिनियन मांगा गया है, जिसके बाद इसे बंद कर दिया जाएगा।
जयराम सरकार की अनुमति के बाद एक सरकारी वकील की ओर डॉ. राजीव बिंदल के खिलाफ भर्ती अनियमितताओं के मामले को भी राजनीतिक रंजिश से प्रेरित हुआ मानकर इसे वापस लेने की अर्जी कोर्ट में दी जा चुकी है।
इस मामले को वापस लेने के लिए पहले ही कोर्ट में अरजी दी जा चुकी है। वीरभद्र सरकार ने एक दशक पहले डॉ. बिंदल पर मामला दर्ज किया था। इसमें आरोप थे कि जब वह नगर परिषद सोलन के अध्यक्ष थे तो भर्ती में अनियमितताएं हुईं।