फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   SCA election: students start protest against administration

मुश्किल में एचपीयू प्रशासन, एकजुट हुए छात्र

Wed, 27 Aug 2014 08:22 PM IST
Updated Wed, 27 Aug 2014 08:22 PM IST
विज्ञापन
SCA election: students start protest against administration

प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी और प्रत्यक्ष चुनाव पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगाने के फैसलों के खिलाफ सभी छात्र संगठन एक हो गए हैं। एसएफआई, एबीवीपी और एनएसयूआई ने बुधवार को विवि में साझा मोर्चा बनाकर उग्र प्रदर्शन किया।

विज्ञापन


पुलिस बल के बावजूद तीनों संगठनों ने पुस्तकालय के बाहर इन दोनों फैसलों के खिलाफ ढाई घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र एकता जिंदाबाद, विवि प्रशासन और कुलपति के खिलाफ गूंजे नारों के साथ एक साथ वंदे मातरम..., इंकलाब जिंदाबाद... और जय हो के नारों के बीच तीनों संगठनों के नेताओं एसएफआई के राज्य सचिव मुनीश शर्मा, एबीवीपी के बाबूराम और एनएसयूआई के बलविंद्र ने आम सभा को संबोधित किया।
विज्ञापन


इन छात्र नेताओं ने मंच से ऐलान किया कि अब प्रशासन के खिलाफ आर पार की जंग लड़ने का समय आ गया है। उन्होंने इसमें शामिल होने के लिए आम छात्रों का आह्वान किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

जारी रहेगा आंदोलन

SCA election: students start protest against administration

छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक विवि प्रशासन इन दोनों फैसलों के खिलाफ वार्ता के लिए नहीं बुलाता और फीस बढ़ोतरी को वापस नहीं लेता और चुनाव की तिथि घोषित नहीं करता तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

संगठन नेताओं ने कहा कि विवि की छात्र शक्ति तीनों संगठन हैं, वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार के लिए मिलकर प्रशासन से जंग लड़ेंगे। विवि प्रशासन और कुलपति को फैसला वापस लेने पर मजबूर किया जाएगा।

इस आंदोलन को अपनी विचारधारा को किनारे रखकर लड़ा जाएगा और जरूरत पड़ी तो लाठियां भी खाएंगे। प्रदेश भर में शिक्षा बंद और चक्का जाम करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।

आपस के झगड़े से लाभ नहीं

SCA election: students start protest against administration

प्रदर्शन के दौरान तीनों छात्र संगठन नेताओं ने माना कि लड़ाई झगड़े से किसी लाभ नहीं होता, उन्होंने इसके लिए गलती भी स्वीकार की, मगर छात्र संघ चुनाव बहाली और फीस बढ़ोतरी वापस लेने को तीनों संगठनों की एक ही आवाज थी।

विश्वविद्यालय में इन दो मुख्य मुद्दों पर एकजुट हुए तीनों संगठनों के बाद चुनाव बहाल हों, फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस हो या न हो, मगर इतना जरूर है कि जितने दिन आंदोलन चलेगा मोर्चा बना रहेगा, विवि में छात्र संगठनों के बीच हिंसा होने की संभावनाएं कम होंगी।

विवि प्रशासन, सरकार की मुश्किलें बढ़ना तय

तीनों संगठनों ने मिलकर प्रदेश भर एक साथ आंदोलन खड़ा किया तो, विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार की मुश्किलें बढ़ना तय है। इसके साथ ही परिसरों में धरने प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस को भी खासी कसरत करनी पड़ेगी।

क्या कहते हैं छात्र नेता

SCA election: students start protest against administration

एसएफआई की राज्य कमेटी के सचिव मुनीश शर्मा ने कहा कि यदि फीस बढ़ोतरी और प्रत्यक्ष एससीए चुनाव पर प्रतिबंध लगाने के फै सले वापस न लिए तो छात्रों का आंदोलन और उग्र होगा, जो चक्का जाम, धरने प्रदर्शन के साथ भूखहड़ताल तक भी जा सकता है।

एबीवीपी के प्रदेश सहमंत्री नवनीत कौशल ने कुलपति और सरकार को चेताया है कि यदि चुनाव बहाल न किए गए और फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस न लिया तो एबीवीपी पूरे प्रदेश भर में उग्र छात्र आंदोलन खड़ा करेगी।

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष रिंपल चौधरी ने कहा कि एससीए चुनाव पर रोक लगाना छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनना है। इसे किसी सूरत में बदाश्त नहीं किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed