विश्वस्तरीय तकनीक से विकसित होंगी शिमला-धर्मशाला स्मार्ट सिटीः सरवीण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मशाला और शिमला स्मार्ट सिटी विश्व स्तरीय तकनीक से विकसित होंगी। यह दावा शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने किया है। चौधरी का मानना है कि इन संबंधित क्षेत्रों में सर्वोत्तम कंपनियां निवेश करेंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्मार्ट सिटी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सभी शहरी क्षेत्रों के एक समान विकास कार्य होगा। चौधरी स्मार्ट सिटी परियोजना के संदर्भ में विभिन्न कंपनियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रही थीं।
उन्होंने कहा कि सरकार हिमाचल को विश्व के समक्ष एक पसंदीदा गंतव्य के तौर पर प्रस्तुत करेगी। राज्य के प्रत्येक नागरिक को नगर निगम, स्थानीय निकाय और शहरी विकास से संबंधित दिन-प्रतिदिन आने वाली समस्याओं का समाधान नागरिक अनुकूल और इंटरेक्टिव मंच जैसे कंप्यूटर, मोबाइल एप्लीकेशन, ऐप के माध्यम से किया जाएगा।
अब ऐप बताएगी कौन कर्मचारी ड्यूटी पर
बैठक में कंपनी के अधिकारियों के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव शहरी विकास राम सुभग सिंह और निदेशक नगर नियोजन विभाग डॉ. देवेंद्र कुमार गुप्ता भी उपस्थित थे।
प्रदेश के शहरी निकायों में कौन कर्मचारी छुट्टी पर हैं और कौन ड्यूटी पर तैनात नहीं हैं। प्रदेश सरकार को ऐप के माध्यम से इसकी जानकारी मिलेगी। शिमला और अन्य शहरी निकायों में पानी के संकट और वितरण को लेकर चल रही खामियां को देखते हुए ऐप तैयार करने का फैसला लिया है।
पहले चरण में ऐप शिमला और धर्मशाला में स्थापित की जाएगी। उसके बाद अन्य निकायों में भी ऐप की व्यवस्था की जाएगी। यह जानकारी शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने दी।