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Shimla News: आईजीएमसी में कागजों में सिमटी सारथी योजना

Sat, 27 Sep 2025 05:05 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Sep 2025 05:05 PM IST
सार

शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सहायता के लिए तैनात एनसीसी कैडेट और स्वयंसेवी अब परिसर में नजर नहीं आ रहे हैं। सारथी योजना की शुरुआत उत्साह के साथ हुई थी, पर अब मरीजों को फिर से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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Sarathi scheme remains confined to paper at IGMC

विस्तार

मरीजों की मदद को तैनात किए थे कैडेट
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अब अस्पताल परिसर में नजर नहीं आते कैडेट और स्वयंसेवी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। मुख्यमंत्री की इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में शुरू की गई सारथी योजना धीरे-धीरे धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है।
योजना के तहत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में मरीजों और उनके तीमारदारों की मदद के लिए एनसीसी कैडेट और एनएसएस स्वयंसेवियों को तैनात किया था। स्वयंसेवी लोगों को ओपीडी, जांच केंद्रों और विभिन्न विभागों तक पहुंचाने में मदद करते थे लेकिन अब अस्पताल परिसर में वालंटियर नजर नहीं आ रहे। योजना का शुभारंभ बड़े उत्साह के साथ हुआ था। शुरुआती दिनों में संजौली कॉलेज के कैडेट मरीजों को निर्देश देते और पर्चियां बनाने में मदद करते भी नजर आए। पहले दिन कैडेटों ने 60 मरीजों को सहायता भी दी थी लेकिन अब कैडेट अस्पताल आना बंद हो गए हैं। अब मरीजों और उनके परिजनों को दोबारा फिर वही परेशानी झेलनी पड़ रही है।


ओपीडी, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी जैसी जगहों पर रोजाना हजारों मरीज आते हैं, जिनमें अधिकतर ग्रामीण इलाकों से आते हैं और उन्हें अस्पताल का नक्शा समझने में दिक्कत होती है। शुरुआती दौर में संजौली कॉलेज के 23 विद्यार्थियों इस योजना के तहत चयन हुआ था और उन्हें काउंसलिंग तथा प्रशिक्षण भी दिया था।
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