Himachal News: हिमाचल प्रदेश में बनीं 46 समेत देशभर की 141 दवाओं के सैंपल हुए फेल; कंपनियों को नोटिस जारी
हिमाचल प्रदेश में बनीं कई दवाइयों के सैंपल फेल हो गए हैं। वहीं, कंपनियों को नोटिस जारी कर बाजार से स्टॉक वापस मंगवाने के आदेश जारी कर दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश में बनीं निमोनिया, अल्सर, मधुमेह, किडनी की 46 दवाओं समेत देश भर में तैयार 141 दवाओं के सैंपल फेल हो गए। सोलन की 23, सिरमौर व ऊना की 11-11 और कांगड़ा की एक कंपनी के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। राज्य ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि कंपनियों को नोटिस जारी कर बाजार से स्टॉक वापस मंगवाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
सीडीएसओ व राज्य प्रयोगशाला की ओर से लिए गए सैंपलों में प्रदेश में 46 सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए है। इनमें बद्दी की पार्क कंपनी के निमोनिया, सेसपो फार्मास्युटिकल की दर्द, हेल्थ बायोटेक की फंगल, कालाअंब की एलेसर बायोटेक की त्वचा संक्रमण, बद्दी के हिल्लर लैब की बुखार, ऊना के स्विश गार्नियर की बीपी, नालागढ़ के लोसिस रेमिडीज कंपनी की उल्टी, पांवटा साहिब की जी लैबोरेटरी के यूरिक एसिड, बायोलेब्स की जीवाणू नाशक दवा के सैंपल फेल हुए हैं।
सोलन की फार्मा चेमको लैबोरेटरी कंपनी की सूखी खांसी, सिरमौर के मोगीनंद की बेल क्योर रेमिडीज कंपनी की संक्रमण, शिवा बॉयोजेनेटिक कंपनी की पेट का संक्रमण, अमस्टर लैब कंपनी की पेट के संक्रमण, कालाअंब के एथेन लैब की पेट के संक्रमण, ऊना की एस्टिक्स हेल्थकेयर कंपनी की मधुमेह, ऊना की ही टाईटेनिस फार्मा की बुखार की दवा के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे।
दवा उद्योगों के लिए केंद्र ने क्लीनिकल ट्रायल (सीटी) और निर्यात से जुड़ी आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने फॉर्म सीटी-05 के तहत किए जाने वाले कुछ आवेदनों के लिए पूर्व सूचना प्रणाली को लागू किया है। यह प्रणाली हिमाचल प्रदेश के दवा उद्योगों पर भी लागू होगी। इसके तहत अब फॉर्म सीटी-05 के तहत कुछ आवेदनों में पहले से सूचना देना जरूरी होगा। यह नियम 21 अप्रैल से लागू हुए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के औषधि महानियंत्रक डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने मंगलवार को इसे लेकर सभी राज्यों काे सर्कुलर जारी किया है। उन्होंने कहा कि अब केवल निर्यात के लिए किए जाने वाले कुछ क्लीनिकल अध्ययन और बायोइक्विवेलेंस ट्रायल शुरू करने से पहले उद्योगों को सुगम पोर्टल पर पूर्व सूचना देनी होगी।