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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Salary released to hp Electricity Board employees

Himachal: बिजली बोर्ड कर्मचारियों को पांच दिन बाद वेतन जारी, पेंशनरों का बढ़ा इंतजार

Sat, 06 Jan 2024 07:15 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 06 Jan 2024 07:15 PM IST
सार

राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को पांच दिन बाद वेतन जारी हो गया है। शनिवार दोपहर को कर्मचारियों के बैंक खातों में दिसंबर की तनख्वाह आई। 

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Salary released to hp Electricity Board employees
बिजली बोर्ड कर्मी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को पांच दिन बाद वेतन जारी हो गया है। शनिवार दोपहर को कर्मचारियों के बैंक खातों में दिसंबर की तनख्वाह आई। पेंशनरों को अभी दो से तीन दिन इंतजार करना होगा। बोर्ड प्रबंधन ने जल्द ही पेंशन भी जारी करने का आश्वासन दिया है। उधर, वेतन जारी होने के बाद अब कर्मचारियों और इंजीनियरों की संयुक्त संघर्ष समिति प्रबंध निदेशक को हटाने की मांग पर अड़ गई है। समिति का कहना है कि 52 साल में पहली बार बिगड़ी बोर्ड की वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाने तक संघर्ष जारी रहेगा। समिति ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ बैठक होने तक भोजन अवकाश के दौरान प्रदर्शन जारी रखने का फैसला लिया।

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शनिवार को लगातार पांचवें दिन बिजली बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश बिजली कार्यालयों के बाहर कर्मचारियों और पेंशनरों ने भोजन अवकाश के दौरान प्रदर्शन किया। कुमार हाउस शिमला में आयोजित प्रदर्शन को संबोधित करते संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक इंजीनियर लोकेश ठाकुर और सह संयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि शनिवार को प्रबंधन वर्ग ने कर्मचारियों का वेतन बैंक खाते में डाल दिया गया है। पेंशन को एक-दो दिन में डालने का आश्वासन दिया है।
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उन्होंने कहा कि वेतन और पेंशन आज मुद्दा नहीं है। बिजली बोर्ड में 52 वर्ष में पहली बार खड़ी हुई इस बदहाली की स्थिति को सुधारना मुख्य मुद्दा है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी, अभियंता और पेंशनर बोर्ड में एक स्थाई प्रबंध निदेशक व पुरानी पेंशन को लागू करने की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से संघर्षरत हैं। बिजली कर्मचारियों के वेतन व पेंशनर्ज की पेंशन पहली जनवरी को न मिलने से कर्मचारियों व पेंशनरों में बोर्ड के अस्तित्व पर संशय हो खड़ा हो गया है, इसके चलते कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
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समिति के संयोजक इंजीनियर लोकेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से हस्तक्षेप के बाद ऊना से प्रस्तावित राज्य स्तरीय प्रदर्शन को स्थगित किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने आंदोलन स्थगित करने की अपील की थी। मुख्यमंत्री से एक-दो दिन में समिति की बैठक की उम्मीद है। हालांकि भोजन अवकाश दौरान के प्रदर्शन मंगलवार तक जारी रखे गए हैं। समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बिजली बोर्ड की परिस्थितियों को बिगाड़ने में वर्तमान प्रबंध निदेशक का सबसे बड़ा योगदान है। प्रबंध निदेशक को तुरंत बोर्ड से हटाया जाना चाहिए। बिजली कर्मचारियों के लिए जल्द पुरानी पेंशन भी बहाल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो समिति की अगली बैठक मंगलवार को तय है। इस बैठक में संघर्ष की आगामी रूपरेखा बनाई जाएगी।

 

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