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Shimla News: सैहब कर्मियों को करें नियमति क्यूआर कोड का किया विरोध
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कालीबाड़ी हॉल में हुई सैहब सोसायटी की बैठक में नगर निगम से आग्रह, आंदोलन की धमकी
नियमित कर्मियों के बराबर वेतन देने की मांग उठाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम शिमला में गार्बेज कलेक्टर, सुपरवाइजर और स्वीपिंग स्टाफ की सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की शुक्रवार को कालीबाड़ी हॉल में आम सभा हुई। इसमें सैहब कर्मियों को नियमित करने, क्यूआर कोड रद्द करने, आउटसोर्स प्रथा बंद करने, नियमित कर्मियों के बराबर वेतन देने की मांगें उठाई गईं। इसके साथ घरों के बाहर लगने वाले क्यूआर कोड का भी विरोध किया गया।
सैहब सोसायटी वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू के बैनर तले हुई इस आमसभा में कर्मचारियों ने लंबित मांगों को उठाया। इसके साथ 12 फरवरी को नए श्रम कानूनों के विरोध में होने वाली हड़ताल पर भी चर्चा की। तय हुआ कि सैहब सोसायटी के तहत आने वाले सभी तरह के कर्मचारी इस हड़ताल में हिस्सा लेंगे। फैसला हुआ कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता।
सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, विवेक कश्यप और यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह, महासचिव ओमप्रकाश गर्ग, रोड स्वीपिंग कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि अगर सैहब सोसायटी, आउटसोर्स और सफाई कर्मियों की मांगों को तुरंत पूरा नहीं किया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन सैहब सोसायटी के कानूनों के खिलाफ कार्य कर रहा है। ढाई करोड़ रुपये नगर निगम घरों की मैपिंग और क्यूआर कोड लगाने पर खर्च कर रहा है। इस पैसे में 150 अतिरिक्त मजदूरों की भर्त्ती हो सकती है।
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मजदूरों ने सातवें वेतन आयोग की जस्टिस माथुर की सिफारिशों और 26 अक्तूबर 2016 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार 26 हजार रुपये मासिक वेतन देने, साल में 39 छुट्टियां देने, समय पर वेतन भुगतान करने, 4-9-14 का लाभ देने, पदोन्नति नीति बनाने, ईपीएफ की बकाया राशि खाते में जमा करने की मांगें भी बैठक में उठाई गईं। धमकी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो इसको लेकर निर्णायक आंदोलन शुरू होगा। इस मौके पर रोड स्वीपिंग कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष प्रमोद कुमार, सैहब यूनियन सलाहकार पाला राम, सचिव शिवराम, दलविंद्र सुनील, योगेश, भरत, पवन, नरेंद्र, रूपा, पूनम, शारदा, देवी सिंह, सूरत राम, नरेंद्र, राकेश, राहुल, बूटा राम, विक्रम, दिगंबर, मनोज, अजित, चंदू लाल, दिनेश, धर्मचंद, नीरज, ललित, मदन, इंद्र, प्रेम, राजीव और खूब राम ने भाग लिया।
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नियमित कर्मियों के बराबर वेतन देने की मांग उठाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम शिमला में गार्बेज कलेक्टर, सुपरवाइजर और स्वीपिंग स्टाफ की सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की शुक्रवार को कालीबाड़ी हॉल में आम सभा हुई। इसमें सैहब कर्मियों को नियमित करने, क्यूआर कोड रद्द करने, आउटसोर्स प्रथा बंद करने, नियमित कर्मियों के बराबर वेतन देने की मांगें उठाई गईं। इसके साथ घरों के बाहर लगने वाले क्यूआर कोड का भी विरोध किया गया।
सैहब सोसायटी वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू के बैनर तले हुई इस आमसभा में कर्मचारियों ने लंबित मांगों को उठाया। इसके साथ 12 फरवरी को नए श्रम कानूनों के विरोध में होने वाली हड़ताल पर भी चर्चा की। तय हुआ कि सैहब सोसायटी के तहत आने वाले सभी तरह के कर्मचारी इस हड़ताल में हिस्सा लेंगे। फैसला हुआ कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता।
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सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, विवेक कश्यप और यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह, महासचिव ओमप्रकाश गर्ग, रोड स्वीपिंग कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि अगर सैहब सोसायटी, आउटसोर्स और सफाई कर्मियों की मांगों को तुरंत पूरा नहीं किया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन सैहब सोसायटी के कानूनों के खिलाफ कार्य कर रहा है। ढाई करोड़ रुपये नगर निगम घरों की मैपिंग और क्यूआर कोड लगाने पर खर्च कर रहा है। इस पैसे में 150 अतिरिक्त मजदूरों की भर्त्ती हो सकती है।
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मजदूरों ने सातवें वेतन आयोग की जस्टिस माथुर की सिफारिशों और 26 अक्तूबर 2016 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार 26 हजार रुपये मासिक वेतन देने, साल में 39 छुट्टियां देने, समय पर वेतन भुगतान करने, 4-9-14 का लाभ देने, पदोन्नति नीति बनाने, ईपीएफ की बकाया राशि खाते में जमा करने की मांगें भी बैठक में उठाई गईं। धमकी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो इसको लेकर निर्णायक आंदोलन शुरू होगा। इस मौके पर रोड स्वीपिंग कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष प्रमोद कुमार, सैहब यूनियन सलाहकार पाला राम, सचिव शिवराम, दलविंद्र सुनील, योगेश, भरत, पवन, नरेंद्र, रूपा, पूनम, शारदा, देवी सिंह, सूरत राम, नरेंद्र, राकेश, राहुल, बूटा राम, विक्रम, दिगंबर, मनोज, अजित, चंदू लाल, दिनेश, धर्मचंद, नीरज, ललित, मदन, इंद्र, प्रेम, राजीव और खूब राम ने भाग लिया।