यूक्रेन में फंसे छात्र: बर्फ में कई किमी पैदल चल आ गए पैरों में छाले, रोमानिया बॉर्डर तक पहुंचने में झेलनी पड़ीं दिक्कतें
शिवम ने बताया कि रोमानिया बॉर्डर तक उन्हें खाने की दिक्कत नहीं हुई। वह सही सलामत रोमानिया तक पहुंचे, मगर जो उनके बाद में आने वाले विद्यार्थी थे, उन्हें बहुत अधिक दिक्कतें हो रही हैं। कई तो अभी बंकर में ही छिपे हैं।
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यूक्रेन से रोमानिया बॉर्डर तक पहुंचना इतना कठिन हो गया कि बर्फ पर कई किलोमीटर तक पैदल चलकर पैरों में छाले आ गए। हम तो जैसे-तैसे घर पहुंच गए, मगर बहुत से विद्यार्थियों पर संकट बना हुआ है। सरकाघाट के शिवम ने अपने घर पहुंचकर यूक्रेन से लौटते समय हुईं घटनाओं के बारे में बताया। कहा कि बर्फबारी होने के कारण पैदल चलना कठिन था। उनके साथ घुमारवीं और धर्मपुर क्षेत्र के दो विद्यार्थी भी थे। बताया कि रोमानिया बॉर्डर तक उन्हें खाने की दिक्कत नहीं हुई। वह सही सलामत रोमानिया तक पहुंचे, मगर जो उनके बाद में आने वाले विद्यार्थी थे, उन्हें बहुत अधिक दिक्कतें हो रही हैं। कई तो अभी बंकर में ही छिपे हैं।
यूक्रेन के पूर्वी हिस्से फंसे हैं सबसे अधिक विद्यार्थी : अंकुश
सिंहन गांव के अंकुश रविवार देर रात को घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि यूक्रेन के पूर्वी भाग में फंसे विद्यार्थियों की हालत सबसे अधिक खराब है। विद्यार्थियों को बंकर में छिपना पड़ रहा है। सोचा था कि अंतिम साल में हैं। जून में डिग्री लेकर भारत लौटेंगे, मगर अचानक यह संकट आ गया तो इससे बहुत दुख हो रहा है।
यूक्रेन में अभी फंसे हैं सुंदरनगर के छह विद्यार्थी
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के चलते भारत सरकार के दूतावास की ओर से युवाओं को बाहर न निकलने की जारी एडवायजरी के बाद एक बार फिर परिजन चिंतित हो उठे हैं। सुंदरनगर के करीब छह विद्यार्थी वहां फंसे हैं। ये यूनिवर्सिटी की बेसमेंट में हैं। उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि जल्द वहां फंसे विद्यार्थियों को स्वदेश लाया जाए।