मंडी शिवरात्रि महोत्सव में भोज से जबरन उठाने के मामले में विपक्ष का हंगामा, वाकआउट
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अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी में बीते दिन सामने आए जातीय भेदभाव के मामले पर शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया। हालांकि एक-दो मिनट के बाद विधायक सदन में वापस आ गए।
महोत्सव के दौरान अनुसूचित जाति के लोगों को भोज से उठाने का मामला शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही उठाते हुए कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने जयराम सरकार पर दलित विरोध होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिला में बार-बार जातीय भेदभाव के मामले पेश आ रहे हैं।
इस पर जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि हमारी सरकार हर भेदभाव के खिलाफ है। मंडी में हुई यह घटना निंदनीय है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मंत्री के बयान से नाखुश विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।
कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि जिला प्रशासन की देखरेख में भोजन की व्यवस्था होती है। इसके बावजूद अनुसूचित जाति के लोगों को उठा दिया गया। इससे पहले स्कूल में मिड-डे मील के दौरान भी जातीय भेदभाव हुआ। सरकार के एक मंत्री और विधायक को मंदिर नहीं जाने दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी वर्ग के खिलाफ है।
नेगी ने इस मामले में संलिप्त अधिकारियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। शिवरात्रि मेले में जातपात का कोई स्थान नहीं है। श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगता है।
27 फरवरी को पुलिस के पास कुछ लोगों को भोज से उठा दिया गया। इस बाबत पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। दो लोग गिरफ्तार किए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक मंडी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच सौंपी है। जातीय भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सत्तापक्ष ने नीतियों को सराहा तो विपक्ष ने विफल बताया सरकार का कार्यकाल
वहीं, बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को जमकर सराहा। विपक्ष के सदस्यों ने सरकार के कार्यकाल को विफल करार देकर प्रस्ताव का विरोध किया। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा सोमवार दोपहर दो बजे के बाद भी जारी रहेगी। भाजपा विधायक किशोरीलाल ने राज्यपाल के अभिभाषण पर लाए धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन किया।
कहा कि मुख्यमंत्री जयराम के नेतृत्व में प्रदेश में खूब विकास किया गया है। कांग्रेस ने सिर्फ गुमराह करने का काम किया है। जल जीवन मिशन की 60 करोड़ की योजनाएं उनके आनी क्षेत्र में शुरू की गई हैं। सिंचाई की 7 स्कीमों के लिए 40 करोड़ आ चुके हैं। जनमंच से कांग्रेस के मित्र परेशान हैं। अब 5 पंचायतों में जनमंच होना है। पच्छाद की विधायक लीना कश्यप ने कहा कि सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को मिला है। उन्होंने प्रस्ताव का समर्थन किया।
नालागढ़ के विधायक लखविंद्र राणा ने कहा कि सरकार होमगार्डों के लिए स्थायी नीति तैयार करे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राममंदिर निर्माण होगा। इसका स्वागत करते हैं। धारा 370 के बाद उत्पन्न स्थिति से निपटना केंद्र सरकार का दायित्व है। बागवानी में उपदान सिर्फ अमीरों को मिल रहाहै, इसकी जांच की जाए। नशे को रोका जाना जरूरी है। नंबरदारों की सेवाएं नशा रोकने के लिए ली जाएं। इन्हें बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा दी जाए।
विधायक जिया लाल ने कहा कि कोई भी संस्थान खोलने के लिए भवन और धन की जरूरत होती है। कई पदों को भरा गया है।
मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि डॉक्टरों और शिक्षकों के पद खाली हैं। पूर्व कांग्रेस सरकार ने पूरे प्रदेश में विकास कार्य कराए। वर्तमान सरकार उनका उद्घाटन कर रही है। सीमा कॉलेज में प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया गया। भवन की उद्घाटन पट्टिका में शिक्षा मंत्री का नाम तो ठीक है, लेकिन सांसद वीरेंद्र का नाम क्यों लिखा गया। उनका इस भवन के निर्माण में कोई योगदान नहीं है। रोहड़ू में बिजली उपभोक्ताओं को आठ माह से बिजली बिल नहीं दिए गए। उपभोक्ता मीटर रीडिंग लेकर जाते हैं तो उन्हें कहते हैं कि रीडिंग गलत है।