फार्मेसी विद्यार्थियों ने रोका मुख्यमंत्री का काफिला, लगाए मुर्दाबाद के नारे, छात्रा बेहोश
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के शीतकालीन प्रवास का पहला ही दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। हिमाचल के कांगड़ा जिले के पपरोला पहुंचे मुख्यमंत्री का फार्मेसी के कुछ विद्यार्थियों ने काफिला रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस की ओर से हल्का बल प्रयोग हुआ, जिसमें एक छात्रा बेहोश हो गई। सीएम का काफिला न रुकने पर गुस्साए विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री और पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगा दिए। रास्ता रोकने वाले विद्यार्थियों को पुलिस थाने ले गई और पांच के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली।
दरअसल, मुख्यमंत्री बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र के पपरोला आयुर्वेदिक शिक्षण संस्थान में कार्यक्रम में पहुंचे थे। मंडी जिले के जोगिंद्रनगर स्थित फार्मेसी के कुछ छात्रों ने संस्थान के मुख्य गेट के बाहर मुख्यमंत्री की गाड़ी रोकने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रास्ते से हटाकर मुख्यमंत्री के काफिले को आगे बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री के काफिले के निकलने के बाद विद्यार्थियों ने पुलिस और सीएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस विद्यार्थियों को पकड़कर थाने ले आई। बाद में समझाने के बाद उन्हें छोड़ा गया। मुख्यमंत्री की गाड़ी के न रुकने की स्थिति में विद्यार्थियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। डीएसपी पूर्ण चंद ठुकराल ने बताया कि कुछ विद्यार्थियों को पुलिस ने पकड़ा था और बाद में छोड़ दिया गया।
फार्मेसी संस्थान के सरकारीकरण की मांग कर रहे विद्यार्थी
सोसायटी के तहत जोगिंद्रनगर में 2010 से शुरू हुए कॉलेज ऑफ आयुर्वेदिक फार्मास्यूटिक्ल साइंसेज में अध्ययन कर रहे विद्यार्थी कॉलेज की स्थापना से इसके सरकारीकरण की मांग करते आ रहे हैं। वर्तमान में संस्थान में 115 विद्यार्थी चार वर्षीय डिग्री कोर्स कर रहे हैं। हालांकि, सचिव आयुर्वेद इस सोसायटी के चेयरमैन और निदेशक मेंबर सचिव हैं, लेकिन सोसायटी के तहत आने के कारण इस संस्थान को सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल रहीं।
पिछले वर्ष जोगिंद्रनगर के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जनसभा में संस्थान का सरकारीकरण करने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद छात्र शिमला में भी सीएम से भेंट कर चुके थे। बैजनाथ जनसभा में भी मुख्यमंत्री की उपस्थिति में स्वास्थ्य मंत्री और विभाग के निदेशक के सामने अपनी मांग रखी, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने मामला मिल-बैठकर सुलझाने का आश्वासन दिया। बाद में छात्र पपरोला आयुर्वेदिक संस्थान में चले गए और रोष स्वरूप छात्रों ने मुख्यमंत्री की गाड़ी को रोकने की कोशिश।