पंचायत फैसिलिटेटर की परीक्षा में हंगामा, बुलानी पड़ी पुलिस
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नगर परिषद हमीरपुर के टाउन हाल में ली जा रही पंचायत फैसिलिटेटर की लिखित परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के अभिभावकों ने हंगामा कर दिया। यह परीक्षा प्रदेश भर में विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर ली गई। हमीरपुर में सोमवार दोपहर बाद चार से पांच बजे तक संचालित लिखित परीक्षा में करीब 300 अभ्यर्थी बैठे थे।
अभिभावकों का आरोप है कि परीक्षा एक निजी एनजीओ करवा रही है। एनजीओ का सरकार या किसी अन्य सरकारी एनजीओ से कोई संबंध नहीं है। हंगामे से गर्माये मामले से परीक्षा के बाद टाउन हाल में आयोजकों और अभिभावकों के बीच झड़प हो गई। तनाव अधिक बढ़ने पर अभिभावकों की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची।
अभिभावकों का आरोप है कि परीक्षा का आयोजन निजी एनजीओ ने किया। इसमें कुछेक अभ्यर्थियों से 300, कुछेक से 500 और 800 रुपये फीस वसूली गई है। अभ्यर्थियों को मोबाइल पर एसएमएस से परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्र की जानकारी दी गई। यह है कि परीक्षा का आयोजन एक हाल में किया गया।
यहां सैकड़ों बच्चों को डेस्क या कुर्सियों के बजाय जमीन पर चट्टाई में बैठाकर परीक्षा ली गई। परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थी सरेआम मोबाइल फोन पर इंटरनेट का भी प्रयोग कर रहे थे। अधिकतर अभ्यर्थियों ने इंटरनेट के माध्यम से भी नकल कर रहे थे
विभाग का कोई लेना-देना नहीं
अभिभावकों ने परीक्षा के आयोजन पर सवाल उठाए। परीक्षा के बाद परीक्षा जिला संयोजक से परीक्षा संबंधी दस्तावेज दिखाने को कहा तो परीक्षा जिला संयोजक कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया।
इसके चलते अभिभावकों और परीक्षा आयोजकों में झड़प हो गई। इसकी सूचना कुछेक अभिभावकों ने पुलिस को दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंच कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसपी रमन कुमार का कहना है कि पुलिस ने मौके पर पहुंच कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एएसपी को मौके पर भेजा गया है। वहीं, जिला को-ऑर्डिनेटर विक्रांत ठाकुर ने कहा कि हमें एनजीओ की ओर से परीक्षा के संचालन को लेकर कोई भी दस्तावेज नहीं दिया गया।
को-ऑर्डिनेटर ने कहा कि खुद उनकी एक हफ्ते पहले एनजीओ में नियुक्ति हुई है। अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। आला अधिकारी ही इस परीक्षा के बारे में कोई जानकारी दे सकते हैं।
पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि पता चला है कि पंचायतों में पदों को भरने के लिए साक्षात्कार लिए जा रहे हैं। इससे पंचायतीराज विभाग का कोई लेना-देना नहीं है।
सरकार ने इस बारे में कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। फोन पर सूचना मिली है कि कोई एजेंसी अभ्यर्थियों के टेस्ट ले रही है। इसका विरोध भी हो रहा है।