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हिमाचल में इन बच्चों को नहीं लगेंगे रूबेला के टीके, ये है वजह
सरोज पाठक/अमर उजाला, बरमाणा (बिलासपुर)
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:41 AM IST
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हिमाचल में खसरा और रुबेला के बचाव के लिए शुरू किए गए टीकाकरण अभियान से एचआईवी पॉजिटिव बच्चों को दूर रखा गया है। इन बच्चों को खसरा और रुबेला का टीका नहीं लगाया जाएगा।
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इसके अलावा जो बच्चे पहले टीका लगने के बाद किसी रिएक्शन, बुखार और अन्य बीमारी से ग्रस्त हुए थे तो उन बच्चों को भी यह टीके नहीं लगाए जाएंगे। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग ने बाकायदा सभी जिलों को आदेश जारी कर दिए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक यह टीका एचआईवी ग्रस्त बच्चों के लिए हानिकारक है। ऐसा नहीं है कि एचआईवी से ग्रस्त सभी बच्चों को यह टीका नहीं लगेगा। जो बच्चा पहले चरण में है, तो उसे तो टीका लगाया जा सकता है।
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मगर जो बच्चा दवाइयों पर निर्भर है, उसे यह टीका नहीं लगेगा। टीका नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए टीका लगवाना जरूरी है। खसरा और रुबेला एक ऐसा जानलेवा रोगाणु है, जो अगर बिगड़ जाए तो बच्चे की जान तक जा सकती है।
इससे बच्चा निमोनिया, टाइफाइड, दस्त और सर्दी-जुखाम जैसी बीमारियों की चपेट में आ सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी क्षेत्रीय अस्पताल, बिलासपुर डॉ. विनोद चौधरी ने बताया कि अभियान के तहत एचआइवी से ग्रसित बच्चों को टीके नहीं लगाए जाएंगे।
तेज बुखार व पहले इस टीके से जिन बच्चों को रिएक्शन हुआ हो उनका भी टीकाकरण नहीं किया जा रहा है। इन बच्चों की सूची तैयार करके मौप-अप राउंड में टीके लगाए जाएंगे।