टेंडर रद्द, ठेकेदार पर 65 लाख रुपये की पेनल्टी
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नेशनल हाइवे विभाग ने निर्माण कार्य में देरी पर जिला हमीरपुर में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने निर्माण कार्य में देरी पर संबंधित ठेकेदार का टेंडर रद्द कर उसे 65 लाख की पेनल्टी लगाई है। विभाग ने ठेकेदार की ओर से जमा करवाई 1.23 लाख की सिक्योरिटी राशि भी जब्त कर ली है।
एनएच विभाग ने वर्ष 2011 में हमीरपुर से नादौन तक करीब 23 किलोमीटर के सड़क मार्ग पर टारिंग का कार्य एक कंपनी को दिया था। कंपनी ने यह कार्य विभाग से 17 करोड़ रुपये में हासिल किया था। इसे दो वर्ष के भीतर पूरा करना था, लेकिन करीब डेढ़ साल तक
तो पहले कंपनी ने इस मार्ग पर कार्य ही शुरू नहीं किया। डेढ़ साल बाद जब कंपनी ने कार्य शुरू किया तो विभाग ने पहले 95 लाख और दोबारा ढाई करोड़ का भुगतान निर्माण कार्य में जुटी कंपनी के पक्ष में कर दिया।
नोटिस भेजने पर भी काम शुरू नहीं किया
इसके बाद फिर कंपनी ने निर्माण कार्य बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि कंपनी की ओर से की गई टारिंग की गुणवत्ता भी सही नहीं पाई गई। एनएच विभाग ने बार-बार कंपनी को नोटिस भेजकर निर्माण कार्य शुरू पूरा करने के निर्देश जारी किए, लेकिन संबंधित कंपनी ने कार्य शुरू नहीं किया। इस पर एनएच विभाग ने संबंधित कंपनी को पेनल्टी लगाने के अलावा सिक्योरिटी राशि जब्त कर ली है। अब दोबारा इस मार्ग का टेंडर होगा।
एनएच विभाग ने वर्ष 2011 में हमीरपुर से नादौन तक करीब 23 किलोमीटर के सड़क मार्ग पर टारिंग का कार्य एक कंपनी को दिया था। इसे दो वर्ष में पूरा करना था। कंपनी निर्धारित अवधि में इसे पूरा नहीं कर पाई। इसके चलते उसे पेनल्टी लगाई गई है। शीघ्र दोबारा टेंडर कर टारिंग करवाई जाएगी। - ई. एचएल शर्मा, एक्सईएन एनएच विभाग