Renewable Energy: हिमाचल में अक्षय ऊर्जा एकीकरण के लिए 2,000 करोड़ रुपये मंजूर
पांच वर्ष की अक्षय ऊर्जा एकीकरणपरियोजना के लिए वर्ल्ड बैंक 1,600 करोड़ और प्रदेश सरकार 400 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बुधवार को मुख्य सचिव आरडी धीमान की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह बजट मंजूर हुआ।
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हिमाचल प्रदेश में अक्षय ऊर्जा एकीकरण के लिए 2,000 करोड़ रुपये मंजूर हो गए हैं। पांच वर्ष की इस परियोजना के लिए वर्ल्ड बैंक 1,600 करोड़ और प्रदेश सरकार 400 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बुधवार को मुख्य सचिव आरडी धीमान की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह बजट मंजूर हुआ। हिमाचल प्रदेश पावर सेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए वर्ल्ड बैंक वर्ष 2023 में बजट जारी करेगा। यह बजट वर्ष 2023 से 2028 तक के लिए स्वीकृत हुआ है। मुख्य सचिव ने बताया कि इस प्रोग्राम के तहत पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन और बिजली बोर्ड पर बिजली नेटवर्क की मजबूती का जिम्मा रहेगा। प्रदेश में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन पावर कारपोरेशन और हिम ऊर्जा के माध्यम से किया जाएगा। प्रोजेक्ट लगने से पर्यावरण और सामाजिक नुकसान का अध्ययन कर सुधार करने के लिए रिपोर्ट बनेगी।
बिजली खरीद और बिक्री के लिए स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर अपग्रेड किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। मुख्य सचिव ने बताया कि अक्षय ऊर्जा में वे सारी ऊर्जा शामिल हैं जो प्रदूषणकारक नहीं हैं। जिनके स्रोत का क्षय नहीं होता या जिनके स्रोत का पुन: भरण होता रहता है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत ऊर्जा, ज्वार भाटा से प्राप्त ऊर्जा, बायोगैस और जैव इंधन को अक्षय ऊर्जा कहा जाता है। मुख्य सचिव ने बताया कि इस प्रोग्राम के तहत जल विद्युत की कोई भी नई परियोजना शुरू नहीं की जाएगी। पहले से स्थापित परियोजनाएं मजबूत की जाएंगी। वर्ल्ड बैंक की टीम प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर आई हुई है। बुधवार को सचिवालय में बैठक कर प्रोग्राम को अंतिम रूप गया। बैठक के दौरान वर्ल्ड बैंक की टीम ने 1,600 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया।