58 एनएच के लिए बजट में किया जाए 1400 करोड़ का प्रावधान, बिक्रम ने केंद्रीय मंत्री से की मांग
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उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने केंद्र सरकार से प्रदेश के लिए सैद्धांतिक रूप से घोषित 58 राष्ट्रीय उच्च मार्गों के निर्माण के लिए वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में 1400 करोड़ के वित्तीय परिव्यय का प्रावधान करने की मांग की। वह बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई प्री-बजट समन्वय बैठक में बोल रहे थे।
बिक्रम सिंह ने 35 किलोमीटर पिंजौर-बद्दी-नालागढ़, 223 किलोमीटर शिमला-मटौर और 197 किलोमीटर लंबे पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय उच्च मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए 1000 करोड़ का विशुद्ध कोष सृजित करने का आग्रह किया। राष्ट्रीय उच्च मार्गों के सामान्य मरम्मत कार्यों और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण को वार्षिक परिव्यय बढ़ाकर 100 करोड़ करने का आग्रह किया। राज्य में सीमित हवाई और रेल संपर्क सेवाएं होने के कारण सड़कें परिवहन का एकमात्र साधन हैं। कहा कि रज्जू मार्ग के निर्माण को पहाड़ी राज्यों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल किया जाए।
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रेललाइनों के लिए मांगी वित्तीय मदद
उद्योग मंत्री ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा बनाने के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहायता देने और तीन हवाई अड्डों के विस्तार का भी आग्रह किया। भानुपल्ली-बिलासपुर और चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन के लिए वन टाइम फाइनेंशियल सपोर्ट और ऊना-हमीरपुर ब्राडगेज लाइन बनाने की मांग की। अन्य देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में स्थानीय किसानों विशेषकर सेब उत्पादकों के हितों को सुरक्षित करने पर बल दिया। उन्होंने अगले वर्ष में प्रथम चरण में तीन एकीकृत विपणन स्थानों के लिए वित्तीय सहायता मांगी।
बीबीएम के प्रयोग में नहीं आ रही जमीन लौटाने की मांग
बिक्रम सिंह ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के पास ऐसी भूमि सरकार को लौटाने की मांग की है, जिसे बोर्ड प्रयोग में नहीं ला रहा है। इस पर न डैम बना है और न ही अन्य गतिविधियां चलाई जा रही हैं। कहा कि ऐसी हजारों हेक्टेयर जमीन राज्य को वापस की जाए। कहा कि हिमाचल पर्यटन और हाइड्रो पावर हब है। प्रदेश को स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया है। राज्य अधोसंरचना विकास के सुदृढ़ीकरण को तीव्रता से कार्य करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने इसके लिए केंद्र से धन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं प्रधान आवासीय आयुक्त संजय कुंडू भी उपस्थित थे।