Ropeway: कुल्लू के मठासौर में बनेगा रोपवे, पर्यटन पकड़ेगा रफ्तार, खुलेंगे रोजगार के द्वार
रोपवे लगने से इस जगह पर पर्यटकों के लिए पहुंचना आसान हो जाएगा। वर्तमान में यहां तक पहुंचने के लिए पैदल ही रास्ता नापना पड़ता है। मठासौर पहुंचने के लिए भल्याणी से होकर करीब एक घंटे का पैदल सफर है।
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला मुख्यालय के साथ लगती लगघाटी में कई रमणीय पर्यटन स्थल हैं। इन पर्यटन स्थलों को नई मंजिलें नई राहें योजना में विकसित किया जाएगा। पर्यटन विभाग इसकी योजना तैयार कर ली है। नई मंजिलें नई राहें योजना में ही लगघाटी के मठासौर के लिए रोपवे लगाया जाएगा। रोपवे लगने से इस जगह पर पर्यटकों के लिए पहुंचना आसान हो जाएगा। वर्तमान में यहां तक पहुंचने के लिए पैदल ही रास्ता नापना पड़ता है। मठासौर पहुंचने के लिए भल्याणी से होकर करीब एक घंटे का पैदल सफर है। वहीं भूमतीर गांव होकर भी लोग इस स्थान पर पहुंचते हैं। मठासौर में बड़े मैदान के बीच में एक भव्य मंदिर है। इसके साथ ही बड़ा मैदान है। इसके साथ आसपास और भी दर्शनीय स्थल हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
पिछले कुछ समय से जिस तरह से पर्यटकों को लगघाटी की वादियां लुभा रही है। ऐसे में अगर इस स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाए तो यह स्थल सबके लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। रोप वे लगने से यहां पर पर्यटकों के लिए पहुंचना आसान हो जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर खुलेंगे। लोग अपने घर द्वार पर ही अच्छी कमाई कर सकेंगे। लगघाटी के लोकगायक इंद्रजीत ने कहा कि मठासौर की खूबसूरती सबको कायल बना देती हैं। यह आने वाले समय में एक अच्छा पर्यटन स्थल बन सकता है। जिला पर्यटन अधिकारी सुनैना शर्मा ने कहा कि नई मंजिलें नई राहें योजना में लगघाटी के रमणीय स्थल मठासौर के लिए रोपवे लगाया जाएगा। रोपवे के लिए विभाग ने साइट का निरीक्षण कर फाइल तैयार ली है। इसे अब सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। मठासौर के लिए रोप वे लगने से लगघाटी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।