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संकट में फंसी जिंदगियों के लिए जीवनदायिनी बनी रोहतांग टनल

Fri, 28 Sep 2018 09:46 AM IST
राकेश राणा, अमर उजाला, कुल्लू
राकेश राणा, अमर उजाला, कुल्लू Updated Fri, 28 Sep 2018 09:46 AM IST
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Rohtang Tunnel become a life saving for the people trapped in the crisis

 लाहौल स्पीति के विभिन्न हिस्सों में पांच से सात फीट बर्फ में फंसे हजारों लोगों के लिए निर्माणाधीन रोहतांग टनल जीवनदायिनी बनी है। हिमाचल के सबसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में रोहतांग टनल से हजारों लोगों की जान बची है।

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एयर लिफ्टिंग से चूंकि एक साथ ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर पाना संभव नहीं है। ऐसे में निर्माणाधीन रोहतांग टनल से लोगों को बचाने में खासी मदद मिल रही है। इससे पूर्व भी कई बार बर्फबारी के बाद फंसे लोगों के लिए टनल जीवनदायिनी साबित हो चुकी है।
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दरअसल, वर्तमान में रोहतांग टनल पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हो पाई है। मनाली को लाहौल घाटी से जोड़ने वाली रोहतांग टनल के दोनों छोर सितंबर 2017 में जुड़ गए हैं। इसके बाद से आपातकालीन परिस्थितियों में इस टनल को लोगों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाता है।
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लाहौल घाटी में स्वास्थ्य सुविधाएं नाममात्र होने पर गत सर्दी में भी मरीजों को इसी टनल से कुल्लू पहुंचाया गया था। अब लाहौल स्पीति के विभिन्न हिस्सों में भारी बर्फबारी के बीच फंसे हजारों लोगों के लिए टनल रेस्क्यू का जरिया बनी है।

धुंधी से सिस्सू को जोड़ती है टनल 

Rohtang Tunnel become a life saving for the people trapped in the crisis

अब तक तीन दिनों में मात्र 75 ही विदेशी-देशी पर्यटक व बीमार लोग एयरलिफ्ट किए गए हैं। जबकि गत मंगलवार व बुधवार को 650 लोग टनल से होकर सुरक्षित मनाली पहुंचे हैं। वीरवार को भी टनल से सैकड़ों लोग मनाली पहुंचे।

कृषि, आईटी व जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि रोहतांग टनल लाहौल घाटी के इतिहास में एक नया अध्याय है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के इस सपने से निश्चित रूप से हजारों जिंदगियां बची हैं।

टनल तैयार होने के बाद लाहौल घाटी साल भर शेष विश्व से जुड़ी रहेगी।  8.8 किलोमीटर लंबी रोहतांग टनल मनाली के धुंधी को लाहौल घाटी के सिस्सू से जोड़ती है।

टनल न होने की सूरत में मनाली से रोहतांग दर्रा होते करीब 55 किलोमीटर सफर तय कर धुंधी पहुंचा जा सकता है। लेकिन बर्फबारी के चलते रोहतांग दर्रे से आवाजाही ठप है। ऐसे में रोहतांग टनल ही लाहौल से मनाली पहुंचने का विकल्प है। 

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