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Himachal: रोहित ठाकुर बोले- हिमाचल में 18 डे-बोर्डिंग स्कूलों के लिए जमीन का चयन

Wed, 21 Feb 2024 10:55 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 21 Feb 2024 10:55 AM IST
सार

मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में राजीव गांधी गवर्नमेंट मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने की घोषणा की थी। 

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Rohit Thakur said- selection of land for 18 day-boarding schools in Himachal
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में राजीव गांधी डे बोर्डिंग मॉडल स्कूलों के निर्माण के लिए पूरी निष्पक्षता से स्थान चयनित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में राजीव गांधी गवर्नमेंट मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने की घोषणा की थी। अभी तक 18 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए प्रशासनिक व व्यय स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि घुमारवीं, नादौन, बड़सर, भोरंज, सुजानपुर, ज्वाली, जसवां परागपुर, जयसिंहपुर, पालमपुर, नगराेटा बगवां, फतेहपुर, शाहपुर, किन्नौर, जुब्बल कोटखाई, शिलाई, गगरेट और हरोली में स्थान चयनित कर लिए गए हैं।
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भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी इन स्कूलों के निर्माण के लिए भूमि का चयन किया जाएगा। जिला, उपमंडल और तहसील से पांच किलोमीटर की दूरी पर भूमि को तलाशा जा रहा है। अगर पांच किलोमीटर के दायरे में पर्याप्त भूमि नहीं मिलती है तो आठ किलोमीटर की दूरी तक स्थान तलाशने की विशेष छूट दी गई है। स्कूल निर्माण के लिए 50 बीघा भूमि की आवश्यकता है। उधर, भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि जिन 18 विधानसभा क्षेत्रों में स्कूल निर्माण को भूमि चयनित की गई है, उनमें से 17 विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के विधायकों के हैं। 
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नियमों के तहत ही आवंटित होते हैं सरकारी आवास : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों को नियमों के तहत सरकारी आवास आवंटित होते हैं। आवास आवंटन में मंत्रियों को एक फीसदी कोटा दिया जाता है। स्वास्थ्य कारणों वाले कर्मचारियों को आवास आवंटन में प्राथमिकता दी जाती है। मंगलवार को विधानसभा सदन में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ने कहा कि आउट ऑफ टर्न आवास देने के कारण आम कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार से आवास आवंटन की व्यवस्था ठीक करने का आग्रह किया। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सामान्य पूल से 362 आवास आवंटित किए हैं। इनमें से 159 आवास सामान्य पूल से बिना वरिष्ठता के आवंटित किए गए हैं। नियमों के अनुसार 50 प्रतिशत आवास आउट ऑफ टर्न तथा 50 प्रतिशत वरिष्ठता के आधार पर आवंटित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि बिना वरिष्ठता के आवंटित किए गए 159 में से 141 आवास सेवा की अत्यावश्यकता के आधार पर, आठ आवास चिकित्सा आधार पर, छह आवास मंत्रियों के कोटे से उनके निजी स्टाफ को, दो आवास अधिकारियों के स्थानांतरण के दौरान उनके चिह्नित आवास में, एक आवास प्रार्थी के निर्धारित आवास की स्थिति अच्छी न होने के कारण व एक आवास बरसात में प्रार्थी का मकान क्षतिग्रस्त होने के आधार पर आवंटित किए गए हैं। सरकार बदलने के बाद मंत्रियों का स्टाफ होता है, जिन्हें आउट ऑफ टर्न आवास दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त 1236 मामले अलग-अलग जिला मुख्यालयों में लंबित पड़े हैं।

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