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Shimla News: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बन रहा है रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग
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4 सितंबर को मनाई जाएगी श्री कृष्ण जन्माष्टमी
मध्यरात्रि 46 मिनट रहेगा जन्मोत्सव और पूजा का शुभ मुहूर्त
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व इस बार 4 सितंबर को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग के विशेष संयोग में मनाई जाने वाली जन्माष्टमी को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य पूजन के लिए मध्यरात्रि के 46 मिनट का समय सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। राधा-कृष्ण मंदिर गंज बाजार के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि अष्टमी तिथि 4 सितंबर को रात 12:14 बजे तक रहेगी जबकि रोहिणी नक्षत्र रात 11:05 बजे तक रहेगा। वहीं भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव और विशेष पूजन का शुभ मुहूर्त रात 11:57 से 12:43 बजे तक रहेगा। इस अवधि में श्रद्धालु बाल गोपाल का अभिषेक, पूजन और आरती कर जन्मोत्सव मनाएंगे।
जन्माष्टमी पर श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत रखते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार मध्यरात्रि में भगवान के जन्म के बाद पंचामृत से अभिषेक कर माखन-मिश्री, खीर और पंजीरी का भोग लगाया जाता है। भगवान के शृंगार के बाद उन्हें झूले में विराजमान कर झूला सेवा भी की जाएगी। पंडित नौटियाल ने कहा कि इस अवसर पर श्रद्धालु ओम नमो भगवते वासुदेवाय और हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके अलावा रातभर जागरण, भजन-कीर्तन, श्रीमद्भगवद्गीता और श्रीमद्भागवत महापुराण के कृष्ण जन्म प्रसंग का पाठ भी किया जाता है।
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मध्यरात्रि 46 मिनट रहेगा जन्मोत्सव और पूजा का शुभ मुहूर्त
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व इस बार 4 सितंबर को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग के विशेष संयोग में मनाई जाने वाली जन्माष्टमी को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य पूजन के लिए मध्यरात्रि के 46 मिनट का समय सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। राधा-कृष्ण मंदिर गंज बाजार के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि अष्टमी तिथि 4 सितंबर को रात 12:14 बजे तक रहेगी जबकि रोहिणी नक्षत्र रात 11:05 बजे तक रहेगा। वहीं भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव और विशेष पूजन का शुभ मुहूर्त रात 11:57 से 12:43 बजे तक रहेगा। इस अवधि में श्रद्धालु बाल गोपाल का अभिषेक, पूजन और आरती कर जन्मोत्सव मनाएंगे।
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जन्माष्टमी पर श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत रखते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार मध्यरात्रि में भगवान के जन्म के बाद पंचामृत से अभिषेक कर माखन-मिश्री, खीर और पंजीरी का भोग लगाया जाता है। भगवान के शृंगार के बाद उन्हें झूले में विराजमान कर झूला सेवा भी की जाएगी। पंडित नौटियाल ने कहा कि इस अवसर पर श्रद्धालु ओम नमो भगवते वासुदेवाय और हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके अलावा रातभर जागरण, भजन-कीर्तन, श्रीमद्भगवद्गीता और श्रीमद्भागवत महापुराण के कृष्ण जन्म प्रसंग का पाठ भी किया जाता है।
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