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रिज मैदान के मरम्मत कार्य की जल्द पूरी करें औपचारिकताएं
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शहरी विकास मंत्री से बात केे बाद वन मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
कहा-काम शुरू करने में सहयोग दे वन विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान को बचाने का प्रोजेक्ट लटकने के बाद अब सरकार इस मामले पर हरकत में आ गई है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस मामले पर गंभीरता दिखाते हुए बुधवार सुबह वनमंत्री राकेश पठानिया से बात की। विधानसभा से ठीक पहले दोनों मंत्रियों के बीच इस मामले पर लंबी चर्चा हुई।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस की औपचारिकताओं के चलते रिज बचाने का प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पा रहा है। काफी समय से इसका काम आगे लटकता जा रहा है। ऐसे में वन महकमे को इस बारे में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। मंत्री ने कहा कि इस तरह की जमीन पर नगर निगम कृष्णानगर में भी आवास बना चुका है। इसके अलावा रिज महत्वपूर्ण स्थान है और इसे धंसने से बचाने के लिए जल्द काम शुरू होना चाहिए। वन मंत्री ने कहा कि महकमे को इस बारे में निर्देश जारी किए जाएंगे। मंत्रियों के मुलाकात के बाद दोपहर एक बजे शहरी विकास विभाग के सचिव ने इस मामले पर नगर निगम, स्मार्ट सिटी, लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के अधिकारियों की बैठक बुला ली
वन विभाग को निर्देश, जल्द
पूरी करो औपचारिकताएं
शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव रजनीश के साथ हुई बैठक में वन विभाग से पूछा कि नगर निगम ने इस बारे में एनओसी के लिए जो पत्र भेजा था, उस पर क्या हुआ। निगम ने पत्र लिखा था कि रिज की तरह कृष्णानगर में भी इसी किस्म की जमीन थी जिस पर वन विभाग ने आवास बनाने की मंजूरी दी थी। ऐसे में रिज पर भी निर्माण कार्य करने की मंजूरी दी जाए। इस पर वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कृष्णानगर और रिज की जमीन की किस्म में अंतर है। इसके अलावा रिज के समीप जिस जमीन पर निर्माण होना है, वहां कुछ छोटे पौधे भी हैं। यह रवीनिया प्रजाति के पौधे हैं। इस पर विभाग को निर्देश दिए कि जल्द स्थिति स्पष्ट की जाए। क्या इस पर एफसीए केस बनाना जरूरी है या नहीं, क्या ट्री कमेटी के जरिये इन पेड़ों को नहीं काटा जा सकता। अब वन विभाग को जल्द इस पर काम करने को कहा है।
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कहा-काम शुरू करने में सहयोग दे वन विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान को बचाने का प्रोजेक्ट लटकने के बाद अब सरकार इस मामले पर हरकत में आ गई है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस मामले पर गंभीरता दिखाते हुए बुधवार सुबह वनमंत्री राकेश पठानिया से बात की। विधानसभा से ठीक पहले दोनों मंत्रियों के बीच इस मामले पर लंबी चर्चा हुई।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस की औपचारिकताओं के चलते रिज बचाने का प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पा रहा है। काफी समय से इसका काम आगे लटकता जा रहा है। ऐसे में वन महकमे को इस बारे में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। मंत्री ने कहा कि इस तरह की जमीन पर नगर निगम कृष्णानगर में भी आवास बना चुका है। इसके अलावा रिज महत्वपूर्ण स्थान है और इसे धंसने से बचाने के लिए जल्द काम शुरू होना चाहिए। वन मंत्री ने कहा कि महकमे को इस बारे में निर्देश जारी किए जाएंगे। मंत्रियों के मुलाकात के बाद दोपहर एक बजे शहरी विकास विभाग के सचिव ने इस मामले पर नगर निगम, स्मार्ट सिटी, लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के अधिकारियों की बैठक बुला ली
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वन विभाग को निर्देश, जल्द
पूरी करो औपचारिकताएं
शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव रजनीश के साथ हुई बैठक में वन विभाग से पूछा कि नगर निगम ने इस बारे में एनओसी के लिए जो पत्र भेजा था, उस पर क्या हुआ। निगम ने पत्र लिखा था कि रिज की तरह कृष्णानगर में भी इसी किस्म की जमीन थी जिस पर वन विभाग ने आवास बनाने की मंजूरी दी थी। ऐसे में रिज पर भी निर्माण कार्य करने की मंजूरी दी जाए। इस पर वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कृष्णानगर और रिज की जमीन की किस्म में अंतर है। इसके अलावा रिज के समीप जिस जमीन पर निर्माण होना है, वहां कुछ छोटे पौधे भी हैं। यह रवीनिया प्रजाति के पौधे हैं। इस पर विभाग को निर्देश दिए कि जल्द स्थिति स्पष्ट की जाए। क्या इस पर एफसीए केस बनाना जरूरी है या नहीं, क्या ट्री कमेटी के जरिये इन पेड़ों को नहीं काटा जा सकता। अब वन विभाग को जल्द इस पर काम करने को कहा है।
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