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पहाड़ जमे, चारे और पानी की तलाश में नीचे उतरे वन्य जीव
Fri, 06 Dec 2019 12:39 PM IST
अरविन्द ठाकुर
दिनेश जस्पा, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
दिनेश जस्पा, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 06 Dec 2019 12:39 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
हाड़ कंपाने वाली ठंड के बीच जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी में नदी-नाले और झरने जम गए हैं। इस कारण पहाड़ियों में विचरने वाले वन्य जीवों ने चारे और प्यास बुझाने के लिए निचले क्षेत्रों का रुख कर लिया है। वन विभाग लाहौल वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर नियमित पेट्रोलिंग कर शिकार पर पैनी नजर रख रहा है।
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अत्यधिक ठंड से पहाड़ों में झीलें, झरने तथा नालों का पानी माइनस डिग्री में जाम हो जाता है। पहाड़ों में पाए जाने वाले वन्य जीवों को चारा और पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख करना पड़ता है। इन दिनों मनाली-लेह मार्ग पर सितिंगरी के पास छुरपक स्थित पेट्रोल पंप से आगे नदी के किनारे सहित कई जगह धूप खिलते ही आईबैक्स को झुंडों में पानी पीते देखा जा सकता है।
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वैसे तो लाहौल घाटी में इन प्राणियों के शिकार का मामला कई वर्षों से वन विभाग के पास नहीं है। फिर भी विभाग ने इनकी सुरक्षा को पेट्रोलिंग कर रहा है। लाहौल घाटी में वन्य जीवों की सुरक्षा को वन विभाग ने कमर कस ली है। घाटी में महिला मंडलों ने वन्य जीवों की सुरक्षा के साथ ही जंगलों के कटान पर पाबंदी लगा रखी है।
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शिकारी व वनकाटू भी महिला मंडलों के खौफ से इस तरह के कोई कदम नहीं उठाते हैं। उधर, लाहौल वनमंडलाधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि ठंड से पहाड़ों में पानी जमने से वन्य प्राणियों को काफी दिक्कतें रहती है। वन्यजीव चारे तथा प्यास बुझाने के लिए निचले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं।