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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Risk of liver cancer due to excessive consumption of common sugar, revealed in research by IIT Mandi

शोध: सामान्य चीनी के अधिक सेवन से लीवर कैंसर का खतरा

Tue, 15 Jun 2021 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 15 Jun 2021 05:00 AM IST
सार

सामान्य चीनी (सुक्रोज) के अधिक सेवन से लीवर कैंसर का खतरा हो सकता है। आईआईटी मंडी के स्कूल आफ बेसिक साइंसेज के शोधार्थियों की ओर से किए गए शोध में इसका खुलासा हुआ है। 

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Risk of liver cancer due to excessive consumption of common sugar, revealed in research by IIT Mandi
चीनी(सांकेतिक)

विस्तार

ज्यादा मीठा खाने वाले सावधान हो जाएं। सामान्य चीनी (सुक्रोज) के अधिक सेवन से लीवर कैंसर का खतरा हो सकता है। मीठा अधिक खाने और लीवर (एनएएफएलडी) में अधिक चर्बी के बीच की आणविक प्रक्रिया को आईआईटी मंडी के स्कूल आफ बेसिक साइंसेज के शोधार्थियों ने खोज निकाला है। इसमें पाया गया है कि अधिक चर्बी केवल घी तेल जैसी अधिक वसा वाली चीजों से ही नहीं, सामान्य चीनी से भी हो सकती है। ऐसे में लीवर कैंसर और फैटी लीवर के इलाज को अधिक समझने में चिकित्सक जगत को मदद मिलेगी। 

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शोध के परिणाम जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्ट्री में प्रकाशित किए गए हैं। आईआईटी मंडी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रोसेनजीत मंडल शोध पत्र के सह लेखक हैं। इसमें शोधार्थी  सुरभि डोगरा, प्रिया रावत, अभिनव चौबे, जामिया हमदर्द संस्थान, नई दिल्ली के डॉ. मोहन कामथन और आयशा सिद्दीक खान और एसजीपीजीआई लखनऊ के संगम रजक की मदद ली गई है। डॉ. प्रोसेनजीत मंडल ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में फैटी लीवर को नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज (एनएएफएलडी) कहते हैं।
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यह लीवर में बहुत ज्यादा चर्बी जमा होने की चिकित्सकीय समस्या है। शुरू में दो दशक तक लक्षण न दिखने से बीमारी पता नहीं चलती। उपचार न करने पर चर्बी लीवर की कोशिकाओं को प्रभावित कर सकती है। लीवर जख्मी (सिरोसिस) होकर लीवर कैंसर का रूप धारण कर सकता है। एनएएफएलडी के अधिक गंभीर होने पर उपचार कठिन हो जाता है। केंद्र ने हाल ही में राष्ट्रीय कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग एवं स्ट्रोक (एनपीसीडीसीएस) रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम में एनएएफएलडी को भी शामिल किया है।
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 देश की लगभग 9 से 32 फीसदी आबादी को एनएएफएलडी लीवर की समस्या
आईआईटी मंडी के शोधार्थी डॉ. विनीत डैनियल ने बताया कि देश की लगभग 9 से 32 प्रतिशत आबादी को एनएएफएलडी लीवर की समस्या है। केरल में 49 प्रतिशत आबादी इससे ग्रस्त है। स्कूली बच्चों में भी जो मोटे हैं, उनमें 60 प्रतिशत में यह समस्या है। एनएएफएलडी के विभिन्न कारणों में एक ज्यादा मीठा खाना है। सामान्य चीनी (सुक्रोज) और कार्बोहाइड्रेट के अन्य रूप में चीनी दोनों इसकी वजह है। ज्यादा मीठा और अधिक कार्बोहाइड्रेट खाने पर लीवर उन्हें चर्बी में बदल देता है। इस प्रक्रिया को हेपेटिक डी नोवो लाइपोजेनेसिस या डीएनएल कहते हैं।
 

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