14 हजार कर्मचारियों को तोहफा, जल्द होंगे मालामाल
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हिमाचल बिजली बोर्ड में तैनात करीब चौदह हजार कर्मचारियों का वेतन एक से दो हजार रुपये तक बढ़ेगा। सोमवार को बिजली बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस में प्रबंधन और कर्मचारी यूनियन की बैठक में ग्रेड पे देने पर सहमति बन गई है।
दो दिन के भीतर इसकी अधिसूचना जारी होगी। कर्मचारियों को ग्रेड पे का फायदा अक्तूबर 2012 से मिलेगा। ट्राइबल, विंटर और ट्रांसमिशन अलाउंस का मामला बोर्ड की सर्विस कमेटी की बैठक में जाएगा। बैठक में प्रबंध निदेशक पीसी नेगी, निदेशक वित्त राजीव शर्मा, निदेशक परिचालन जेपी कालटा, निदेशक तकनीकी आरके शर्मा और कार्यकारी निदेशक कार्मिक रोहित जंबाल मौजूद रहे।
कर्मचारी यूनियन से प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाडा समेत प्रदेश भर से करीब 60 पदाधिकारी, यूनिट प्रधान और सचिव बैठक में मौजूद रहे।
150 को रेग्यूलर करने की भी तैयारी
यूनियन के महासचिव हीरालाल वर्मा ने बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक बैठक चली। बैठक में 71 मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।
डेढ़ सौ कर्मचारियों को रेगुलर करने की तैयारी
बोर्ड में तैनात करीब डेढ़ सौ डेलीवेज, पार्ट टाइम और अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने पर बैठक में चर्चा की गई। प्रबंधन ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा अधीक्षकों की डीपीसी करने पर भी सहमति बनी।
हिमाचल बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक पीसी नेगी का कहना है कि बैठक में कर्मचारियों की ग्रेड पे पर फैसला लिया गया है। इसकी अधिसूचना भी जल्द जारी हो जाएगी। पार्ट टाइम कर्मचारियों को रेगुलर करने पर विचार किया जाएगा।
हर वित्तीय लाभ के हकदार बने 642 टीजीटी
शिक्षा विभाग में कार्यरत 642 टीजीटी अब हर वित्तीय लाभ लेने के हकदार बन गए हैं। राज्य सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। उच्च शिक्षा निदेशक ने सभी उप निदेशकों को आदेशों की प्रति जारी कर दी है।
कांगड़ा में 334, बिलासपुर में 49, चंबा में 10, हमीरपुर में 13, किन्नौर में 3, कुल्लू में 28, मंडी में 25, शिमला में 21, सिरमौर में 2, सोलन में 93 और ऊना में 64 टीजीटी को कंफर्म किया गया है। इन टीजीटी को अब हर वित्तीय लाभ मिलेगा। बैक डेट से इन्हें कंफर्म किया गया है।
इधर सरकार से नाराज हुए टीजीटी
वहीं, हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र चौहान, प्रधान प्रेस सचिव कैलाश ठाकुर, महासचिव संजीव कपूर ने टीजीटी प्रमोशन की लिस्ट जारी नहीं होने पर रोष जताया है। संघ का कहना है कि बीते माह से प्रमोशन की फाइल मुख्यमंत्री ऑफिस में अटकी हुई है।
संघ का मानना है कि लिस्ट जारी करने में हो रही देरी से आशंका जताई जा रही है कि सरकार अपने चहेतों को पिछले दरवाजे से विवादित एसएमसी पॉलिसी के तहत नियुक्त करने की तैयारी में है। संघ का कहना है कि प्रधानाचार्यों व टीजीटी पदों की प्रमोशन में अनावश्यक देर की जा रही है।
तकनीकी कर्मचारी 7 को करेंगे चर्चा
उधर, राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड तकनीकी कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 7 जुलाई को धर्मशाला में प्रदेशाध्यक्ष होशियार सिंह चंदेल की अध्यक्षता में होगी। संघ महासचिव सुनील शर्मा ने बताया कि बैठक में प्रदेश पदाधिकारी तथा जिला अध्यक्ष, जिला सचिव एवं प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य भाग लेंगे।
लंबित मांगों, तकनीकी कर्मचारियों के प्रति बिजली बोर्ड प्रबंधक वर्ग का नकारात्मक रवैया और कार्य के बोझ तले दबे तकनीकी कर्मचारियों को उभारने के उपायों पर चर्चा की जाएगी। संघ की लंबित मांगों में टी-मैन से सहायक लाइनमैन, सहायक लाइनमैन से लाइनमैन, लाइनमैन से फोरमैन, फोरमैन से स्पेशल फोरमैन, हेल्पर से एसएसए इलैक्ट्रीशियन जैसी कई तकनीकी कर्मचारियों की श्रेणियां हैं, जो पदोन्नति की आस लगाए बैठे हैं।
सुनील शर्मा ने कहा कि इन सारी समस्याओं को कार्य समिति के सम्मुख रखा जाएगा। उसके बाद कार्य समिति का जो कर्मचारी संघ को संघर्ष करना पड़ा तो संघर्ष करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।