संशोधित वेतनमान: वेतन वृद्धि के विकल्प चुनने के लिए हिमाचल सरकार ने बढ़ाई तिथि
तीसरे विकल्प से अगर वरिष्ठ और कनिष्ठ कर्मचारियों के वेतन में फर्क आता है यानी कनिष्ठ कर्मचारियों का वेतन ज्यादा हो जाता है तो वरिष्ठों को स्टेपअप का भी लाभ नही मिलेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने शुक्रवार को 28 फरवरी तक विकल्प लेने के लिए सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को पत्र भेज दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने दो लाख नियमित कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि के विकल्प चुनने को 28 फरवरी तक मियाद बढ़ा दी है। शुक्रवार को वित्त विभाग ने इस बाबत निर्देश जारी कर दिए हैं। वेतन वृद्धि को सरकार तीन विकल्प दे रही है। पहले 15 फरवरी तक कर्मचारियों से विकल्प मांगे गए थे। इसके बाद तीसरा विकल्प देने के चलते सरकार ने विकल्प देने की तारीख को बढ़ाने का फैसला लिया है। 15 फीसदी विकल्प का लाभ लेने वालों को एरियर नहीं मिलेगा। इस विकल्प के तहत बेसिक पे और डीए में 15 फीसदी की सीधी बढ़ोतरी से नया वेतनमान निर्धारित होगा।
वेतन वृद्धि को लेकर पहले से दिए गए 2.25 और 2.59 के गुणक से वेतन तय करने के विकल्प भी कर्मचारी दे सकते हैं। कई विभागों के कर्मचारी दो विकल्पों से संतुष्ट नहीं थे। कर्मचारी पंजाब की तर्ज पर 15 फीसदी बढ़ोतरी के तीसरे विकल्प की मांग कर रहे थे। तीसरे विकल्प से अगर वरिष्ठ और कनिष्ठ कर्मचारियों के वेतन में फर्क आता है यानी कनिष्ठ कर्मचारियों का वेतन ज्यादा हो जाता है तो वरिष्ठों को स्टेपअप का भी लाभ नही मिलेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने शुक्रवार को 28 फरवरी तक विकल्प लेने के लिए सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को पत्र भेज दिया है।