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Shimla News: टॉलैंड में पहाड़ी खोदने पर सरकार और नगर निगम से जवाब तलब

Thu, 03 Sep 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 11:59 PM IST
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Response sought from government and municipal corporation regarding hill excavation in Toland.
हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर अपनाया कड़ा रुख, नगर निगम शिमला और प्रदेश सरकार को नोटिस किया जारी
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वन भूमि की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश
अंधाधुंध कटिंग से देवदार के पेड़ों पर मंडराया संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हाईकोर्ट ने राजधानी शिमला के टॉलैंड क्षेत्र में नगर निगम शिमला की ओर से की जा रही पहाड़ी की अंधाधुंध वर्टिकल कटिंग (खड़ी या लंबवत कटाई) और निर्माण कार्यों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश चिराग भानु की खंडपीठ ने राज्य सरकार, नगर निगम सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को तुरंत मौके का मुआयना करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने को कहा है कि नगर निगम की कार्रवाई से कितने पेड़ों को नुकसान पहुंचा है और कितने पेड़ खतरे की जद में हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं कि क्या विवादित जमीन वन भूमि के अंतर्गत आती है। मौके पर खड़े पेड़ों की सुरक्षा के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को तय की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में तस्वीरें पेश करते हुए बताया कि टॉलैंड क्षेत्र में की जा रही वर्टिकल कटिंग के कारण ऊपरी हिस्से में खड़े हरे-भरे देवदार के पेड़ गंभीर खतरे में आ गए हैं। आरोप लगाया गया है कि सड़क के मोड़ पर सामुदायिक भवन का निर्माण किया जा रहा है, जिससे प्राकृतिक नाले के बंद होने की आशंका पैदा हो गई है। निर्माण स्थल से निकलने वाले मलबे को तयशुदा डंपिंग साइट पर ले जाने के बजाय कनलोग क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध रूप से फेंका जा रहा है। इसमें जिस जमीन पर निर्माण कार्य किया जा रहा है, वह वन भूमि होने का दावा किया है। इसके लिए उचित अनुमति ली थी या नहीं और क्या वहां से हरे देवदार के पेड़ों को अवैध रूप से हटाया गया है, इस पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
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