शोध में खुलासा, छिलके समेत खाएंगे ये फल तो दूर होगा कैंसर
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घातक रोग कैंसर से कैसे बचा जा सकता है, हिमाचल में इस पर एक नया शोध हुआ है। वैज्ञानिक शोध में पाया गया कि सेब, नाशपाती, आड़ू और जापानी फल को छिलकों के साथ खाने से कैंसर से बचा जा सकता है।
इनके छिलकों में भरपूर मात्रा में कैंसर रोधक तत्व पाए जाते हैं। डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सोलन के वैज्ञानिकों ने फलों के छिलकों पर शोध किया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन फलों में फलेवोनाइड की मात्रा सबसे अधिक होती है।
उनके सेवन से कैंसर की आशंका न के बराबर होती है। रिसर्च में सेब, नाशपाती, आडू और जापानी फलों के छिलकों में सबसे अधिक फलेवोनाइड की मात्रा पाई गई है।विवि के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. केडी शर्मा की अगुवाई में डॉ. विनय चंदेल ने यह सफल शोध किया है।
शोध में सामने आए कई चौंकाने वाले तथ्य
शोध में पाया गया है कि 30 फीसदी लोगों में कैंसर का मुख्य कारण गलत खानपान और प्रदूषण रहता है। शाकाहार का सेवन करने वालों की अपेक्षा मांसाहारी में कैंसर की अधिक आशंका रहती है। यह भी पाया गया कि पश्चिमी देशों में भोजन के साथ फलों का अधिक सेवन किया जाता है ताकि शरीर को समय-समय पर आवश्यक पोषक तत्व मिलते रहें।
डॉ. केडी शर्मा और उनकी टीम में शामिल डॉ. विनय चंदेल को अखिल भारतीय खाद्य प्रसंस्करण संगठन ने फलों के नए उत्पाद विकसित करने के लिए 17 दिसंबर 2015 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईईसी) दिल्ली में आयोजित वार्षिक कांफ्रेंस में पुरथी अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। विवि के वैज्ञानिकों के शोध को इंडियन फूड पैकर में भी प्रकाशित किया जा चुका है।
'सेब, नाशपाती, आड़ू और जापानी फलों में फलेवोनाइड की मात्रा सबसे अधिक होती है। छिलके समेत इनके सेवन से कैंसर की आशंका न के बराबर होती है। रिसर्च में इन चार फलों के छिलकों में सबसे अधिक फलेवोनाइड की मात्रा पाई गई है।' - डॉ. केडी शर्मा, प्रिंसिपल साइंटिस्ट, खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग