शोध में खुलासा, स्वाइन फ्लू से बचाएंगे ये देसी नुस्खे
स्वाइन फ्लू जैसी जानलेवा बीमारी से देसी नुस्खे बचाएंगे। देसी नुस्खों पर टीएमसी में चल रहा शोध पूरा हो गया है। शोध में पाया गया है कि अगर नाक से गुनगुना पानी या फिर वॉशरूम में शॉवर का पानी नाक से हर रोज गुजारा जाए तो स्वाइन फ्लू बीमारी पास नहीं फटकेगी। अगर नाक से प्रतिदिन पानी गुजारा जाता है तो इंफेक्शन वाले व्यक्ति से भी वायरस दूसरे व्यक्ति में नहीं आएगा।
इसी सिद्धांत पर टीएमसी में एक स्वाइन फ्लू मरीज को बिना दवा से ठीक किया गया है। इंफेक्शन वाले मरीज के नाक से हर रोज गुनगुना पानी गुजारा गया। इससे मरीज के नाक में स्वाइन फ्लू का वायरस एच1 एन1 समाप्त हो गया। दूसरे मरीज को दवा लगातार खिलाई गई। इसका परिणाम यह रहा कि पहले वाला मरीज चार दिन में स्वस्थ हो गया।
दूसरे व्यक्ति में कैसे आता है वायरस
शोध में पाया गया कि नाक के अंतरिम भाग नीजोफेरिंग में एन1 एच1 इंफेक्शन करता है। इस भाग में इंफेक्शन के बाद वायरस समाप्त नहीं होता है। मरीज का उपचार न हो तो जान जा सकती है।
दवा के सेवन से मरीज को ठीक किया जा सकता है। नाक से पानी गुजारने से यह वायरस मनुष्य को प्रभावित नहीं करेगा। मनुष्य किसी भी स्वाइन फ्लू मरीज से हाथ भी मिला सकता है। उसके संपर्क में रह सकता है।
स्वाइन फ्लू वायरस ग्रस्त मरीज से दूसरे मरीज में नाक के रास्ते आता है। एच1एन1 वायरस नाक के अंतरिम भाग नीजोफेरिंग में जमा हो जाते हैं। इससे मरीज को तेज बुखार आना शुरू होता है।
समय पर उपचार न होने पर जान तक जा सकती है। मुंह, गले के रास्ते आने वाला वायरस भोजन लेने के बाद समाप्त हो जाता है, जबकि नीजोफेरिंग में जमा वायरस खत्म नहीं होता।
40 लोगों की हो चुकी मौत
आईजीएमसी और टीएमसी में स्वाइन फ्लू से करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है।
नाक से पानी गुजारने से नहीं होगा स्वाइन फ्लू : सरोच
टीएमसी में ईएनटी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक मनीष सरोच ने बताया कि नाक से हर रोज पानी गुजारने से स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है। स्वाइन फ्लू बीमारी से ग्रस्त मरीज से भी वायरस दूसरे व्यक्ति में नहीं आएगा।