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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Relief to transport workers, HRTC will fix salary in 24 hours

Himachal: परिवहन कर्मचारियों को राहत, एचआरटीसी 24 घंटों में करेगा वेतन निर्धारण

Thu, 05 Jun 2025 10:14 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 05 Jun 2025 10:14 AM IST
सार

कर्मचारियों को वित्तीय लाभ नहीं देने के मामले में हिमाचल हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हिमाचल पथ परिवहन निगम ने कोर्ट को बताया गया कि 24 घंटे के भीतर वेतन निर्धारण कर दिया जाएगा।

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Relief to transport workers, HRTC will fix salary in 24 hours
एचआरटीसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

परिवहन कर्मचारियों को वित्तीय लाभ नहीं देने के मामले में हिमाचल हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हिमाचल पथ परिवहन निगम ने कोर्ट को बताया गया कि 24 घंटे के भीतर वेतन निर्धारण कर दिया जाएगा। इसका लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को दिया जाएगा, जो वर्ष 2004 से 2005 के बीच नियुक्त किए गए थे। कर्मचारियों को पिछली तारीख से ही लाभ मिलेंगे। महाधिवक्ता अनूप रतन ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार निगमों-बोर्डों को वित्तीय घाटे से उबारने के लिए रोडमैप तैयार कर रही है। आदेशों की अनुपालना के लिए इस मामले को चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध किया जाए। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने इसे स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई तय की है।

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खंडपीठ ने 17 मार्च को निगमों और बोर्डों को वित्तीय संकट से उबारने के लिए सरकार को रोडमैप तैयार करने के आदेश दिए थे। याचिकाकर्ता एचआरटीसी में वर्ष 2004 से 2005 के बीच ड्राइवर और कंडक्टर पद पर अनुबंध आधार पर नियुक्त किए गए थे। आठ साल की सेवाओं के बाद इन्हें नियमित कर दिया था। उस समय ऐसी कोई पॉलिसी नहीं थी। इसी के खिलाफ करीब 600 कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका के माध्यम से चुनौती दी। अदालत ने इन मामलों में विभाग को इन कर्मचारियों को एक साल बाद नियमित करने के आदेश दिए थे और साथ ही इन्हें पिछली तारीख से सारे वित्तीय लाभ देने का फैसला दिया था। इन्हें ये लाभ नहीं दिए गए। आदेशों की अनुपालना न होने पर याचिकाकर्ताओं ने याचिकाएं दायर कीं। सरकार ने अदालत को बताया कि आर्थिक संकट की वजह से कर्मचारियों को लाभ नहीं दिए जा रहे हैं। अदालत ने कहा कि एक ऐसी व्यवस्था तैयार करें, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सभी घाटे में चल रहे बोर्ड-निगम आत्मनिर्भर बनें।

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