{"_id":"6ae1f5b278a8876ee90abc2d","slug":"relief-state-government-to-purchase-vacant-plots-owned-by-individuals-in-green-areas-shimla-news-c-19-sml1002-811645-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत : ग्रीन एरिया में लोगों के खाली \nपड़े प्लॉटों को खरीदेगी प्रदेश सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत : ग्रीन एरिया में लोगों के खाली पड़े प्लॉटों को खरीदेगी प्रदेश सरकार
विज्ञापन
जाखू ग्रीन एरिया में निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रही है सरकार, पहले प्लॉट खरीद चुके लोग नहीं कर सकेंगे निर्माण
सरकार के खरीदने से लोगों को मिल जाएगा पैसा
निर्माण न करने की शर्त पर ही जमीन देने को लोग तैयार
टीसीपी विभाग में 16 आपत्तियों पर की गई सुनवाई पूरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के जाखू ग्रीन एरिया में निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को लेकर नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) विभाग ने सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्रस्ताव पर स्थानीय लोगों की ओर से 16 आपत्तियां और सुझाव दिए थे।
सुनवाई के दौरान कई लोगों ने सरकार के खाली प्लॉट खरीदने के प्रस्ताव का समर्थन किया लेकिन इसके साथ शर्त भी रखी कि जमीन खरीदने के बाद सरकार भी उस पर किसी तरह का निर्माण नहीं करेगी। सरकार का प्रस्ताव है कि सर्कुलर रोड से ऊपर स्थित जाखू ग्रीन एरिया में भवन निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इस क्षेत्र में जिन लोगों के खाली प्लॉट हैं, सरकार उन्हें खरीदने पर विचार कर रही है, ताकि निर्माण पर प्रतिबंध लगने से जमीन मालिकों को आर्थिक नुकसान न हो। इसके लिए स्थानीय लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे थे। सुनवाई के दौरान लोगों ने अपनी जमीन और उससे जुड़े हितों को लेकर पक्ष रखा। टीसीपी विभाग के अनुसार, सभी आपत्तियों और सुझावों को दर्ज कर लिया है। अब इन्हें रिपोर्ट के साथ सरकार को भेजा जाएगा।
सुनवाई के दौरान कुछ लोगों ने कहा कि यदि सरकार ग्रीन एरिया में निजी भवनों के निर्माण पर रोक लगाने जा रही है, तो सरकारी निर्माण पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। लोगों का तर्क था कि निजी निर्माण पर रोक और सरकारी निर्माण की अनुमति दोहरे मापदंड जैसी स्थिति पैदा करेगी। इसलिए क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। लोगों ने यह मुद्दा भी उठाया कि ग्रीन एरिया में कई स्थानों पर 15 से 17 मंजिला सरकारी भवन बन रहे हैं। ऐसे निर्माणों पर भी सवाल उठाए गए। उनका कहना था कि क्षेत्र की हरियाली और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करना जरूरी है।
विज्ञापन
बाजार मूल्य पर जमीन खरीदने का प्रस्ताव
सरकार की ओर से प्रस्ताव दिया है कि ग्रीन एरिया में लोगों के खाली प्लॉट बाजार मूल्य पर खरीदे जा सकते हैं, ताकि निर्माण पर रोक लगने से जमीन मालिकों को आर्थिक नुकसान न हो। सुनवाई के दौरान कुछ लोगों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपनी जमीन सरकार को इसी शर्त पर देने के लिए तैयार हैं कि सरकार भी उस पर कोई निर्माण नहीं करेगी।
पहले पास हुए नक्शों पर भी राहत की मांग
सुनवाई के दौरान कई लोगों ने कहा कि जाखू ग्रीन एरिया में उनकी पुश्तैनी जमीन है। कुछ जमीन मालिकों ने दावा किया कि उनकी जमीन वर्ष 1947 से पहले से इस क्षेत्र में है। उनका कहना था कि वह लंबे समय से पेड़ों और हरियाली की रक्षा करते आए हैं और इसी वजह से अब तक जमीन पर निर्माण नहीं किया है। ऐसे में यदि भविष्य में निर्माण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाता है, तो उन्हें अपनी जमीन का उपयोग नहीं कर पाने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कुछ लोगों ने बताया कि वह पहले ही भवन निर्माण के नक्शे पास करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक निर्माण नहीं किया है। उन्होंने पहले से स्वीकृत नक्शों के आधार पर निर्माण की अनुमति देने की मांग की।
जल्द सरकार को भेजी जाएगी रिपोर्ट
टीसीपी विभाग ने सभी आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई पूरी कर ली है। अब विभाग की ओर से रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद सरकार प्रस्ताव पर आगामी निर्णय लेगी। टीसीपी निदेशक हिमिस नेगी ने बताया कि जाखू ग्रीन एरिया में निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को लेकर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
सरकार के खरीदने से लोगों को मिल जाएगा पैसा
निर्माण न करने की शर्त पर ही जमीन देने को लोग तैयार
टीसीपी विभाग में 16 आपत्तियों पर की गई सुनवाई पूरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के जाखू ग्रीन एरिया में निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को लेकर नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) विभाग ने सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्रस्ताव पर स्थानीय लोगों की ओर से 16 आपत्तियां और सुझाव दिए थे।
सुनवाई के दौरान कई लोगों ने सरकार के खाली प्लॉट खरीदने के प्रस्ताव का समर्थन किया लेकिन इसके साथ शर्त भी रखी कि जमीन खरीदने के बाद सरकार भी उस पर किसी तरह का निर्माण नहीं करेगी। सरकार का प्रस्ताव है कि सर्कुलर रोड से ऊपर स्थित जाखू ग्रीन एरिया में भवन निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इस क्षेत्र में जिन लोगों के खाली प्लॉट हैं, सरकार उन्हें खरीदने पर विचार कर रही है, ताकि निर्माण पर प्रतिबंध लगने से जमीन मालिकों को आर्थिक नुकसान न हो। इसके लिए स्थानीय लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे थे। सुनवाई के दौरान लोगों ने अपनी जमीन और उससे जुड़े हितों को लेकर पक्ष रखा। टीसीपी विभाग के अनुसार, सभी आपत्तियों और सुझावों को दर्ज कर लिया है। अब इन्हें रिपोर्ट के साथ सरकार को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान कुछ लोगों ने कहा कि यदि सरकार ग्रीन एरिया में निजी भवनों के निर्माण पर रोक लगाने जा रही है, तो सरकारी निर्माण पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। लोगों का तर्क था कि निजी निर्माण पर रोक और सरकारी निर्माण की अनुमति दोहरे मापदंड जैसी स्थिति पैदा करेगी। इसलिए क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। लोगों ने यह मुद्दा भी उठाया कि ग्रीन एरिया में कई स्थानों पर 15 से 17 मंजिला सरकारी भवन बन रहे हैं। ऐसे निर्माणों पर भी सवाल उठाए गए। उनका कहना था कि क्षेत्र की हरियाली और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करना जरूरी है।
विज्ञापन
बाजार मूल्य पर जमीन खरीदने का प्रस्ताव
सरकार की ओर से प्रस्ताव दिया है कि ग्रीन एरिया में लोगों के खाली प्लॉट बाजार मूल्य पर खरीदे जा सकते हैं, ताकि निर्माण पर रोक लगने से जमीन मालिकों को आर्थिक नुकसान न हो। सुनवाई के दौरान कुछ लोगों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपनी जमीन सरकार को इसी शर्त पर देने के लिए तैयार हैं कि सरकार भी उस पर कोई निर्माण नहीं करेगी।
पहले पास हुए नक्शों पर भी राहत की मांग
सुनवाई के दौरान कई लोगों ने कहा कि जाखू ग्रीन एरिया में उनकी पुश्तैनी जमीन है। कुछ जमीन मालिकों ने दावा किया कि उनकी जमीन वर्ष 1947 से पहले से इस क्षेत्र में है। उनका कहना था कि वह लंबे समय से पेड़ों और हरियाली की रक्षा करते आए हैं और इसी वजह से अब तक जमीन पर निर्माण नहीं किया है। ऐसे में यदि भविष्य में निर्माण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाता है, तो उन्हें अपनी जमीन का उपयोग नहीं कर पाने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कुछ लोगों ने बताया कि वह पहले ही भवन निर्माण के नक्शे पास करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक निर्माण नहीं किया है। उन्होंने पहले से स्वीकृत नक्शों के आधार पर निर्माण की अनुमति देने की मांग की।
जल्द सरकार को भेजी जाएगी रिपोर्ट
टीसीपी विभाग ने सभी आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई पूरी कर ली है। अब विभाग की ओर से रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद सरकार प्रस्ताव पर आगामी निर्णय लेगी। टीसीपी निदेशक हिमिस नेगी ने बताया कि जाखू ग्रीन एरिया में निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को लेकर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।