हिमाचल में कोरोना से राहत, सक्रिय मामलों में आई कमी, नए वायरस पर भी कैबिनेट में हुई चर्चा
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हिमाचल प्रदेश में अक्तूबर, नवंबर की अपेक्षा दिसंबर से लेकर कोरोना से कुछ राहत मिली है। यही कारण है कि कैबिनेट ने रात्रि कर्फ्यू में एक घंटे की छूट दी है। रविवार को दुकानें खोलने के अलावा बाकी शर्तों को पहले की तरह लागू रखा है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कैबिनेट में प्रस्तुति के दौरान कोरोना की वास्तविक स्थिति से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में सप्ताह के भीतर कोरोना के रिकवरी और डेथ रेट में सुधार हुआ है। इसका कारण प्रदेश सरकार की ओर से की गई सख्ती और सैंपलिंग की संख्या बढ़ाया जाना है। प्रदेश में 89 फीसदी के हिसाब से कोरोना के मरीज ठीक हो रहे है। डेथ रेट भी 1.9 से घटकर 1.5 फीसदी हुआ है।
सप्ताह से हिमाचल में 10 से नीचे मौत का आंकड़ा आ रहा है। जबकि नवंबर महीने में 15 से ज्यादा लोगों की कोरोना से मौत हुई है। हिम सुरक्षा योजना में 50 लाख लोगों से संपर्क हुआ है। इस अभियान के जरिये घरों में कोरोना के मरीजों की पहचान की गई। हिमाचल में इस समय जिला शिमला और कांगड़ा में कोरोना के ज्यादा मामले आ रहे हैं, अन्य जिलों में कोरोना से कुछ राहत है। उन्होंने कहा कि कोरोना पर काबू पाया जा रहा है। प्रतिदिन 10 हजार सैंपल लिए जा रहे है। घरों में सर्दी, जुकाम और अन्य बीमारी से ग्रसित लोगों के सैंपल लिए जा रहे है। गंभीर अवस्था में लोगों को अस्पताल लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चारों प्रि फेब्रिकेटिड कोविड सेंटर बनकर तैयार है। नए वायरस को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हुई है। इसको लेकर स्वास्थ्य अधिकारी की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ बात हो रही है। अब यह मामला ब्रिटेन में देखा गया है। देश मे वैक्सीन तैयार हो रही है। वह इस वायरस से लड़ने में सक्षम है।