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Himachal News: लोक निर्माण, जल शक्ति सहित इन विभागों को 93.50 करोड़ की राहत राशि जारी

Mon, 17 Jul 2023 07:43 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 17 Jul 2023 07:43 PM IST
सार

प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश में बारिश से हुई भारी तबाही को लेकर विभिन्न विभागों के लिए 93.50 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी की है। लोक निर्माण को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। 

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Relief amount of 93.50 crore released to these departments including Public Works, Jal Shakti in himachal
हिमाचल प्रदेश सरकार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश में बारिश से हुई भारी तबाही को लेकर विभिन्न विभागों के लिए 93.50 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी की है। लोक निर्माण को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। सड़कें और पुल टूट गए हैं। जिलों के कई क्षेत्र मुख्य मार्ग से कट गए हैं। सेब बहुल क्षेत्र की सड़कें टूटने से बागवानों को मंडियों तक सेब ले जाने में दिक्कतें पेश हो रही हैं। इन सड़कों को दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा 50 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है। वहीं जल शक्ति विभाग की पांच सौ से ज्यादा पेयजल स्कीमें ठप हो गई हैं। अभी भी हिमाचल में पांच सौ से ज्यादा स्कीमें बाधित है। व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए यह राशि दी गई है।

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किस विभाग को कितनी राशि
लोक निर्माण विभाग - 50 करोड़
जल शक्ति - 27 करोड़
बिजली बोर्ड - 10 करोड़
बागवानी - 2 करोड़
कृषि विभाग - 1 करोड़
नगर निगम शिमला - 3.50 करोड़

ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को दुरुस्त करे सरकार : रविंद्र
वहीं, हिमाचल किसान कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कंवर रविंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में सेब सीजन शुरु हो चुका है। सेब उत्पादन वाले क्षेत्रों की स्थानीय ग्रामीण सड़कों को जल्द दुरुस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बागवानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने के लिए किसी तरह की परेशानियां का सामना न करना पड़े। इसके लिए सरकार को मुस्तैदी दिखानी होगी। सरकार ने सेब को किलो के हिसाब से बेचने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है लेकिन मंडियों में सेब की पेटी 2 किलो की कटौती के साथ बिक रही है। यह गलत है। किसी भी उत्पाद के लिए डिब्बे या कार्टन का मूल्य खरीदार चुकाता है तो बागवान को कार्टन का मूल्य क्यों चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे किसान को दोहरा नुकसान हो रहा है। एक तरफ जहां उसे सेब की पैकेजिंग मेटेरियल के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ उसे प्रति पेटी के तहत 2 किलो सेब का दाम भी नहीं मिल रहा है। सरकार को इस दिशा में भी तत्काल उचित आदेश जारी करने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान कांग्रेस इस संबंध में मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री से भी मुलाकात की जाएगी। 

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