शिमलावासियों को एमसी ने दिया एक और झटका
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एक सितंबर से राजधानी में घर-घर से कूड़ा एकत्र करने का शुल्क बढ़ जाएगा। 2000 वर्ग फीट से कम और अधिक में घरेलू उपभोक्ताओं को बांटा गया है। 2000 वर्ग फीट से कम एरिया वाले घरों के शुल्क में 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
इन उपभोक्ताओं को अब प्रति माह 40 के बजाय 50 रुपये शुल्क देना होगा। 2000 वर्ग फीट से अधिक एरिया वाले घरों से 40 रुपये के बजाय 100 रुपये शुल्क लिया जाएगा। घरेलू सहित कुल 56 श्रेणियों में भी कूड़ा देने का रेट बढ़ाया गया है।
वहीं, यदि कोई उपभोक्ता यूजर चार्जिज की वार्षिक राशि एकमुश्त देना चाहे तो उसे 10 प्रतिशत छूट दी जाएगी। अगर उपभोक्ता एक साथ भुगतान नहीं करेगा तो मासिक शुल्क पूरा लिया जाएगा।
इनका शुल्क न घटा और न ही बढ़ा
वार्ड नंबर 12, 13 और संजौली बाजार से बाहर स्थित ढाबों, दो से लेकर बीस कमरों के दफ्तर, हजार वर्ग मीटर से कम बैंक, सरकारी स्कूल, सौ बच्चों से कम वाले निजी स्कूल, एक से बीस कमरों के पीजी, हॉस्टल और गेस्ट हाउस, फैक्ट्री, रेस्टोरेंट, सरकारी कॉलेज, निजी कॉलेज, पचास बैड तक अस्पतालों का शुल्क न बढ़ाया गया है और न ही घटाया गया है।
वहीं, कैंटीन, धर्मशाला, काफी शॉप, क्लीनिक, क्लीनिक विद मेडिसिन शॉप, केमिस्ट शॉप, लैब, बड़े मॉल, मीट शॉप, कनफेक्शनरी, स्क्रैब डीलर, तहबाजारी और घरों में गाय-भैंस पालने वालों से गोबर उठाने का शुल्क पहली बार लगाया गया है। छोटी बेकरी, टायर पंचर वर्कशॉप, रिपेपर वर्कशॉप, रिपेयर और स्पेयर पार्ट्स वर्कशॉप, नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे से दूर स्थित वर्कशॉप का मासिक शुल्क घटाया गया है।
नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने बताया कि कोई भी उपभोक्ता नगर निगम को 200 रुपये देकर दो डस्टबिन ले सकता है। निगम के पास वर्तमान में लगभग 2000 डस्टबिन उपलब्ध हैं।