शराब ठेकों पर अब रेट लिस्ट लगाना जरूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘अमर उजाला’ के शराब ठेकों में लूट अभियान के बाद आबकारी विभाग कुछ हरकत में नजर आया है। खबरें प्रकाशित होने के बाद मंत्री ने संज्ञान लेते हुए उपभोक्ताओं को लूट से बचाने के लिए आनन फानन में नई व्यवस्था की है। विभाग ने सभी शराब ठेकों में विभाग द्वारा अप्रूव रेट लिस्ट लगाने की अनिवार्य शर्त लगा दी है।
इसमें ओवर चार्जिंग की शिकायत करने या रेट से संबंधित कोई भी सूचना लेने के लिए क्षेत्र के ईटीओ और इंस्पेक्टर के मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित करने के आदेश दे दिए गए हैं।
रेट लिस्ट के अलावा अन्य ब्रांड के रेट पर किसी भी तरह का असमंजस होने की स्थिति में सेल्समैन को ग्राहक को विभाग द्वारा जारी की नई रेट लिस्ट दिखाना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त डीसी नेगी के मुताबिक ठेकों में लिस्टें लग चुकी हैं। लेकिन हकीकत में ठेकों में लगी लिस्ट में ठेकेदारों ने स्वयं अपने प्रिंट निकालकर रेट लिस्ट लगाई है। इनमें विभाग की कोई मुहर नहीं लगी है।
सात ठेकों के चालान
आबकारी एवं कराधान विभाग शिमला ने ओवर चार्जिंग के ‘अमर उजाला’ में उजागर हुए मामलों के आधार पर शराब के सात ठेकों का निरीक्षण कर 5 से 25 हजार रुपये के चालान किए हैं।
इसमें ठेकेदारों को नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि ओवर चार्जिंग पाई गई तो ठेकेदार से जुर्माना वसूला जाएगा।
विभाग को नजर नहीं खामी
आबकारी विभाग ने ‘अमर उजाला’ की रिपोर्ट को आधार बनाकर ही ये सात चालान किए हैं।
विभाग के अतिरिक्त आयुक्त डीसी नेगी ने चालान करने की पुष्टि करते हुए कहा कि फिलहाल विभागीय अधिकारियों की टीम को कहीं भी ओवर चार्जिंग के मामले की शिकायत नहीं आई है।
एक साल में 130 चालान
अतिरिक्त आयुक्त डीसी नेगी ने बताया कि एक साल में विभाग ने पूरे जोन में ठेकों की चेकिंग के दौरान 130 मामले पकड़े, जिसमें ठेकेदारों से 19.67 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
उनका कहना है कि इस दौरान पूरे एक साल में 171 शराब के सैंपल भरे गए।
अब तक 16 की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। कंडाघाट लैब से शेष सैंपल की रिपोर्ट इस माह अंत तक पहुंचने की उम्मीद है।