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Shimla News: दुष्कर्म मामले के दोषी को 10 वर्ष का कठोर कारावास
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न्यायाधीश अमित मंडयाल की अदालत का फैसला
25 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अदालत ने युवती से दुष्कर्म के मामले में दोषी पवन कुमार को 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। पीड़िता के लिए मुआवजे की सिफारिश भी की गई हैं। दोषी पवन कुमार गांव अर्की, जिला सोलन का रहने वाला है।
पोक्सो के विशेष न्यायाधीश अमित मंडयाल ने वीरवार को दोषी को यह सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व उपजिला न्यायवादी संगीता जस्टा ने किया। जांच के मुताबिक 2020 में दोषी ने पीड़ित के घर जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसे झूठा दिलासा देता रहा कि उसके साथ शादी करेगा। आरोपी पहले से शादीशुदा था तथा उसका एक बच्चा भी है। दोषी की लगातार इस हरकत से पीड़िता ने एक बच्चे को भी जन्म दिया। इस दौरान जब पीड़िता को दोषी के शादीशुदा होने का पता चला तो 5 सितंबर 2021 को जतोग चौकी में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस दौरान तथ्यों के आधार पर बालूगंज पुलिस थाना में आईपीसी की धारा 376 के तहत एफआईआर दर्ज की। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने इस मामले को साबित करने के लिए 18 गवाहों की जांच की और मुकदमे के समापन पर दलीलें सुनी गईं। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को उपरोक्त कथित अपराध के लिए दोषी ठहराया। इस मामले की जांच उप निरीक्षण भगत राम ने की थी। संवाद
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25 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अदालत ने युवती से दुष्कर्म के मामले में दोषी पवन कुमार को 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। पीड़िता के लिए मुआवजे की सिफारिश भी की गई हैं। दोषी पवन कुमार गांव अर्की, जिला सोलन का रहने वाला है।
पोक्सो के विशेष न्यायाधीश अमित मंडयाल ने वीरवार को दोषी को यह सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व उपजिला न्यायवादी संगीता जस्टा ने किया। जांच के मुताबिक 2020 में दोषी ने पीड़ित के घर जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसे झूठा दिलासा देता रहा कि उसके साथ शादी करेगा। आरोपी पहले से शादीशुदा था तथा उसका एक बच्चा भी है। दोषी की लगातार इस हरकत से पीड़िता ने एक बच्चे को भी जन्म दिया। इस दौरान जब पीड़िता को दोषी के शादीशुदा होने का पता चला तो 5 सितंबर 2021 को जतोग चौकी में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस दौरान तथ्यों के आधार पर बालूगंज पुलिस थाना में आईपीसी की धारा 376 के तहत एफआईआर दर्ज की। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने इस मामले को साबित करने के लिए 18 गवाहों की जांच की और मुकदमे के समापन पर दलीलें सुनी गईं। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को उपरोक्त कथित अपराध के लिए दोषी ठहराया। इस मामले की जांच उप निरीक्षण भगत राम ने की थी। संवाद
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