दादा समेत रणजी कप्तानों ने बीसीसीआई को दिए बड़े सुझाव, बदलाव की तैयारी
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धर्मशाला में बीसीसीआई कॉनक्लेव में पहुंचे रणजी टीमों के कप्तानों और कोचों ने देश में क्रिकेट का स्तर सुधारने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं। रणजी टीमों के कप्तानों और कोचों ने सुझाव दिया कि रणजी के मैच होम ग्राउंड के बजाय न्यूट्रल वेन्यू पर होने चाहिए।
इससे खिलाड़ी सभी परिस्थितियों में खेलने में सक्षम होंगे और प्रतिभा भी निखर कर आएगी। गुजरात रणजी टीम के कैप्टन पार्थिव पटेल और कोच पारस ने धर्मशाला स्टेडियम में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि बीसीसीआई को सुझाव दिया गया है कि इस बार रणजी मैच न्यूट्रल वेन्यू पर आयोजित होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी की आम सहमति भी बनी है। यह अपने आप में नया प्रयोग होगा। इससे टीमों को घरेलू परिस्थितियों का लाभ नहीं मिलेगा, यह उचित है। इससे टीमें सभी परिस्थितियों में खेलने के लिए तैयार होंगी। इस मौके पर पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली भी मौजूद रहे।
पार्थिव बोले, अच्छे विकेटों पर करवाए जाएं मैच
किसी भी होम ग्राउंड में पिच टीम के कोच और कैप्टन की इच्छा से तैयार की जाती है, लेकिन क्रिकेट के बेहतर भविष्य के लिए यह जरूरी है कि सभी टीमें एक अच्छे विकेट में खेलें। इसके अलावा इस बैठक में दूसरा अहम मुद्दा रणजी मैचों के दौरान गैप रखने का रहा।
सभी ने सुझाव दिया है कि मैचों के दौरान टीमों को आराम का समय मिलना चाहिए। कहा गया कि दो वर्ष पहले घसियाली पिचों पर रणजी मैच करवाए गए थे, उसमें भी गेंदबाजों की कमजोरी उजागर हुई थी, जिसे अब काफी हद तक दूर कर लिया गया है।
पठान ने रखा दलीप ट्राफी का फॉर्मेट बदलने का पक्ष
भारतीय क्रिकेटर एवं बड़ौदा रणजी टीम के कैप्टन इरफान पठान ने कहा कि धर्मशाला में पहली बार हो रहा बीसीसीआई सम्मेलन सार्थक पहल है। इसमें देश में खेल, खिलाड़ियों और दर्शकों की बेहतरी के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
यह अपनी तरह का पहला ऐसा आयोजन है जहां क्रिकेट से जुड़े सभी लोगों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए नई क्रिकेट नीति का निर्माण होगा। इससे खेल का सुधार होगा, साथ ही मैदानों में दर्शकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी मदद मिलेगी।
पठान धर्मशाला में पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता में बोल रहे थे। उनका कहना है कि देश के खिलाड़ियों को इंटरनेशनल माहौल देने के लिए बीसीसीआई महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है
टेस्ट मैचों में गुलाबी गेंद का प्रयोग शुरू हो चुका है। इसके लिए रणजी में खिलाड़ियों को गुलाबी गेंद से अभ्यास करवाया जा रहा है, जिससे खिलाड़ी इंटरनेशनल लेवल पर गुलाबी गेंद के सामने असहज महसूस न करें।
चार और पांच दिवसीय मैचों को मनोरंजक बनाने व मैदान में दर्शकों को आकर्षित करने के लिए भी बीसीसीआई गंभीर प्रयास कर रहा है। इसी के चलते दलीप ट्राफी के मैच डे-नाइट फॉरमेट में आयोजित करवाने पर भी विचार किया जा रहा है।