फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Ramlok Temple Dispute, CID Chargesheet against Baba.

मुश्किल में बाबा, सीआईडी ने डीएफओ को भेजी जांच रिपोर्ट

Fri, 12 May 2017 06:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 12 May 2017 06:07 AM IST
विज्ञापन
Ramlok Temple Dispute, CID Chargesheet against Baba.

सोलन के साधु पुल स्थित बाबा अमरदेव के आश्रम में साल भर पहले मिली तेंदुए और बाघ की खालों के मामले में नया मोड़ आ गया है। सीआईडी की क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच से जुड़े दस्तावेज और खालों की रिपोर्ट मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) सोलन को भेज दी है।

विज्ञापन


ऐसे में बाबा की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। ‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित होने के बाद अब वन विभाग ने कोर्ट में चालान दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि वन अधिकारी इस हफ्ते के अंत तक चालान स्थानीय कोर्ट में पेश कर सकते हैं।
विज्ञापन


पिछले साल 23 अप्रैल को बाबा अमरदेव के रामलोक आश्रम में सीआईडी ने छापामारी कर तेंदुए की तीन और बाघ की एक खाल बरामद की थी। सीआईडी की क्राइम ब्रांच ने वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


खालों की वैज्ञानिक प्रमाणिकता के लिए देहरादून स्थित वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) भेजा गया था। करीब एक साल बाद सोमवार को जांच रिपोर्ट क्राइम ब्रांच को मिली। खालों के तेंदुए और बाघ के होने की पुष्टि हुई है।

सीआईडी ने अब रिपोर्ट डीएफओ सोलन को भेजी है। जानकारों का कहना है कि इस मामले में बाबा के खिलाफ जिस तरह के पुख्ता सबूत हैं, उससे बाबा की मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही हैं। ऐसे मामलों में बरामद वन्य वस्तु के प्रमाणित होने पर आरोपी के लिए बचने की संभावनाएं न के बराबर रह जाती हैं। 

तेंदुए और बाघ के शिकार पर घूमी जांच की सुई

Ramlok Temple Dispute, CID Chargesheet against Baba.

खाल बरामद होने और डब्ल्यूआईआई देहरादून की पुष्टि के बाद वन विभाग कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी कर रहा है। मामले की जांच कर रही सीआईडी की क्राइम ब्रांच अब खाल आने के जरिये पर अपनी जांच केंद्रित कर रही है।

विभागीय सूत्रों की मानें तो इस बात की जांच की जा रही है कि बाबा के पास ये खालें कहां से आईं। इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि इन खालों के लिए उन जानवरों का शिकार तो नहीं किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed