Khair Felling Case: मंत्री पठानिया बोले- पौने दो लाख किसानों को राहत, बिना स्वीकृति खैर के पेड़ काट सकेंगे
बुधवार को धर्मशाला में मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि खैर कटान के लिए पहले दस साल का समय होता था। लेकिन अब किसान सीधे तौर पर अपनी इच्छा के अनुसार खैर के पेड़ों को बेच सकेंगे।
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वन एवं युवा खेल सेवाएं मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि अब प्रदेश के किसान वन विभाग की स्वीकृति के बिना अपने खैर के पेड़ों को बेच सकेंगे। इसकी नियमावली को राज्यपाल से सांविधानिक तौर से पास करवाकर अगली कैबिनेट बैठक में पेश किया जाएगा। आठ से दस दिन के भीतर इस नियम को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। इस योजना से प्रदेश के 32 विधानसभा क्षेत्रों के पौने दो लाख लोगों को लाभ मिलेगा। किसानों की आर्थिकी भी बढ़ेगी। बुधवार को धर्मशाला में मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि खैर कटान के लिए पहले दस साल का समय होता था। ऐसे में किसान को खैर का पेड़ बेचने के लिए इंतजार करने के साथ सरकारी औपचारिकताओं को पूरा करना पड़ता था।
लेकिन अब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से 15 अगस्त के उपलक्ष्य पर घोषणा की गई है कि किसानों को खैर के पेड़ कटान के लिए दस साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। किसान सीधे तौर पर अपनी इच्छा के अनुसार खैर के पेड़ों को बेच सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से खैर तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ा कानून लाया जा रहा है। इसके तहत अब कोई भी वन भूमि से खैर के पेड़ चोरी करता हुआ पाया गया, तो ऐसे आरोपी की पांच साल तक जमानत नहीं होगी। मात्रा से अधिक भार ले जाने वाले लोगों के खिलाफ भी जांच की जाएगी। इससे जीएसटी की चोरी पर भी लगाम लगेगी। वहीं, खुदराहो दरख्तान कानून को लेकर मंत्री ने कहा कि इसे समाप्त करने को लेकर भारत सरकार और सुप्रीम कोर्ट के साथ चर्चा अंतिम चरण में है।