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Dr. Sikander Kumar: जांच का नतीजा नहीं आया तो CBI जांच की करेंगे सिफारिश
Sun, 15 May 2022 09:58 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 15 May 2022 09:58 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर का दावा करने वाले व्यक्ति ने पत्र के माध्यम से डॉ. सिकंदर कुमार पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। पत्र में लिखा गया है कि वीसी रहते उन्होंने नियमों को दरकिनार कर धन एकत्र किया।
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हमीरपुर में जिला भाजपा के स्वागत कार्यक्रम में पहुंचे राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर सरकार।
- फोटो : संवाद
विस्तार
एचपीयू के वीसी रहते जारी हुए बेनामी पत्र मामले में दो माह के भीतर यदि पुलिस जांच में कोई नतीजा नहीं आया तो राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर सरकार को सीबीआई जांच की सिफारिश करेंगे। हमीरपुर में जिला भाजपा के स्वागत कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बेनामी पत्र मामले की डीजीपी जांच कर रहे हैं।
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कांग्रेस पार्टी की तरफ से उनके खिलाफ लगातार षड्यंत्र रचे जा रहे हैं और जब वीसी बने, तब उनके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में सिंगल और डबल बेंच ने उन्हें बरी किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार 50 से अधिक सीट लेकर फिर सत्ता में आएगी।
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क्या है बेनामी पत्र मामला
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर का दावा करने वाले व्यक्ति ने पत्र के माध्यम से डॉ. सिकंदर कुमार पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। पत्र में लिखा गया है कि वीसी रहते उन्होंने नियमों को दरकिनार कर धन एकत्र किया।
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इसका प्रयोग वह भविष्य में विधायक बनने या फिर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए भी कर सकते हैं। राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर पूरे मामले की जांच करने की मांग की थी। इसके अलावा भाजपा के संगठन मंत्री पवन राणा के साथ मिलकर प्रदेश विश्वविद्यालय में अयोग्य व्यक्तियों की नियुक्तियां करने के आरोप भी लगाए गए हैं।