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Himachal News: आरएस बाली बोले- जीर्णोद्धार के लिए मदद दे सरकार, निजी हाथों में न सौंपे निगम के होटल
Fri, 11 Jul 2025 01:30 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 11 Jul 2025 01:30 PM IST
सार
पर्यटन विकास निगम की 14 इकाइयों(होटलों) को ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस आधार पर निजी हाथों में साैंपने के कैबिनेट फैसले पर रघुवीर सिंह(आरएस) बाली ने सवाल उठाए हैं।
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र्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने की पत्रकार वार्ता।
- फोटो : संवाद
विस्तार
एचपीटीडीसी के 14 होटल ओएनएम (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) पर निजी हाथों में सौंपने के मंत्रिमंडल के फैसले पर पर्यटन निगम अध्यक्ष रघुवीर बाली ने सवाल उठाए हैं। बाली ने कहा कि इसके बजाय सरकार होटलों के जीर्णोद्धार के लिए मदद दे। अब तक सरकार की ओर से निगम को कोई वित्तीय मदद नही मिली, फिर भी अपने संसाधनों से निगम की आय 108 करोड़ रुपये तक पहुंचाई गई है।
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होटल हाॅलिडे होम में प्रेस वार्ता करते हुए बाली ने कहा कि होटलों को ओएनएम पर देने के लिए निगम की ओर से सरकार को कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया गया था। हालांकि पर्यटन निगम सरकार के अधीन है। इसलिए सरकार काेई भी फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। बाली ने मुख्यमंत्री सुक्खू से आग्रह किया कि कैबिनेट के फैसले को रिव्यू किया जाए और घाटे में चल रहे होटलों की आर्थिक समीक्षा करवाई जाए।
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कहा कि यह निर्णय कैबिनेट ने अपने विवेक पर लिया, लेकिन सभी तथ्य कैबिनेट के सामने नहीं रखे गए। पर्यटन निगम के पास तीन श्रेणियों में कुल 56 होटल हैं, जिनमें ए श्रेणी के होटल सबसे ज्यादा, बी श्रेणी के उससे कम और सी श्रेणी के होटल सबसे कम कमाई कर रहे हैं। सरकार को कोई भी फैसला लेने से पहले आर्थिक समीक्षा और व्यवहारिकता का विश्लेषण करना चाहिए। जबसे मुख्यमंत्री ने उन्हें निगम की जिम्मेदारी सौंपी है, तब से आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। उनके कार्यकाल में पहली बार निगम ने 100 करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त किया है। सरकार एडीबी से मिलने वाला ऋण यदि निगम को देती है, तो होटलों का जीर्णोद्धार कर राजस्व 200 करोड़ तक पहुंचाया जा सकता है।
कर्मचारी संघ ने अध्यक्ष पर लगाया था वादाखिलाफी का आरोप
पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ ने वीरवार को निगम के अध्यक्ष पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया था। संघ के पदाधिकारियों ने कहा था कि निगम के अध्यक्ष ने वादा किया था कि पानी का गिलास भी इधर-उधर नहीं होगा। बावजूद इसके पर्यटन विकास निगम के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कर्मचारी संघ ने अध्यक्ष पर लगाया था वादाखिलाफी का आरोप
पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ ने वीरवार को निगम के अध्यक्ष पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया था। संघ के पदाधिकारियों ने कहा था कि निगम के अध्यक्ष ने वादा किया था कि पानी का गिलास भी इधर-उधर नहीं होगा। बावजूद इसके पर्यटन विकास निगम के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।