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Shimla News: ओपीडी शिफ्ट करने के खिलाफ केएनएच और आईजीएमसी में प्रदर्शन, नारेबाजी की
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सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की धमकी, ओपीडी को वापस केएनएच शिफ्ट नहीं किया तो अब सचिवालय का होगा घेराव
आईजीएमसी में जनवादी महिला समिति ने भरी हुंकार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से गायनी विभाग को ओपीडी सहित आईजीएमसी में शिफ्ट किए जाने के सरकार के फैसले के खिलाफ वीरवार को आईजीएमसी और केएनएच में प्रदर्शन हुए। इस दौरान संगठनों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने दो टूक कहा कि ओपीडी को वापस केएनएच लाया जाए। इसके साथ ही धमकी दी कि अगर इस पर अमल नहीं किया तो सचिवालय का घेराव किया जाएगा।
आईजीएमसी में जनवादी महिला समिति, नागरिक सभा और अन्य संगठनों ने प्रदर्शन किया। सरकार से गायनी विभाग को शिफ्ट करने तथा अस्पताल के बढ़ाए शुल्क को वापस लेने की मांग की गई। कमला नेहरू अस्पताल में कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर विरोध जारी रखा। इसके साथ वीरवार को भाजपा ने भी गायनी विभाग को शिफ्ट करने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। आईजीएमसी में जनवादी महिला समिति के बैनर तले हुए प्रदर्शन में शिमला नागरिक सभा, माकपा, एसएफआई, गदर फ्रंट सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन में शिमला के पूर्व महापौर संजय चौहान, सीआईटीयू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, किसान नेता जयशिव, गदर फ्रंट शिमला के रवि कुमार शामिल हुए।
सुबह साढ़े ग्यारह से एक बजे तक एमएस और प्राचार्य कार्यालय तथा अस्पताल के मुख्य गेट के सामने संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जनवादी महिला समिति की अध्यक्ष रंजना जरेट और सचिव फालमा चौहान, जिला अध्यक्ष सोनिया सब्रवाल, राज्य कमेटी सदस्य सुनिधि, शिमला नागरिक सभा के अध्यक्ष जगमोहन, सचिव विवेक कश्यप छात्र नेता अनिल ठाकुर, मजदूर नेता वीरेंद्र ने कहा कि गायनी ओपीडी को शिफ्ट करना गलत है। इससे महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। चेताया कि यदि फैसले वापस नहीं लिए तो आने वाले समय में आम जनता को साथ लेकर उग्र प्रदर्शन होंगे जिसमें सचिवालय का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर से मुलाकात की और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव को मांग पत्र भेजा।
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102 वर्ष पुराने अस्पताल को न बांटें
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 102 वर्ष से चल रहे कमला नेहरू एवं शिशु अस्पताल (केएनएच) का विभाजन किसी भी सूरत में न किया जाए। स्वास्थ्य क्षेत्र और संस्थानों में निजीकरण की केंद्र सरकार की नीतियों को लागू न करें। मरीजों पर थोपे गए शुल्क के फैसले को वापस लें। सरकार यदि महिलाओं को रोबोटिक सर्जरी, आईवीएफ सेंटर जैसी सुविधा आधुनिक चिकित्सा सुविधा देना चाहती है, तो कमला नेहरू अस्पताल में नए ब्लॉक का निर्माण कर इसे शुरू करें। इसके अलावा अस्पतालों में रिक्त पड़े डॉक्टरों, नर्सों, पैरा मेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के रिक्त पदों को जल्द भरने, आभा कार्ड से पर्ची बनाने की प्रक्रिया सरल करने, हिमकेयर कार्ड के तहत मरीजों को उपचार दिलाने की मांगें की गईं।
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आईजीएमसी में जनवादी महिला समिति ने भरी हुंकार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से गायनी विभाग को ओपीडी सहित आईजीएमसी में शिफ्ट किए जाने के सरकार के फैसले के खिलाफ वीरवार को आईजीएमसी और केएनएच में प्रदर्शन हुए। इस दौरान संगठनों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने दो टूक कहा कि ओपीडी को वापस केएनएच लाया जाए। इसके साथ ही धमकी दी कि अगर इस पर अमल नहीं किया तो सचिवालय का घेराव किया जाएगा।
आईजीएमसी में जनवादी महिला समिति, नागरिक सभा और अन्य संगठनों ने प्रदर्शन किया। सरकार से गायनी विभाग को शिफ्ट करने तथा अस्पताल के बढ़ाए शुल्क को वापस लेने की मांग की गई। कमला नेहरू अस्पताल में कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर विरोध जारी रखा। इसके साथ वीरवार को भाजपा ने भी गायनी विभाग को शिफ्ट करने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। आईजीएमसी में जनवादी महिला समिति के बैनर तले हुए प्रदर्शन में शिमला नागरिक सभा, माकपा, एसएफआई, गदर फ्रंट सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन में शिमला के पूर्व महापौर संजय चौहान, सीआईटीयू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, किसान नेता जयशिव, गदर फ्रंट शिमला के रवि कुमार शामिल हुए।
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सुबह साढ़े ग्यारह से एक बजे तक एमएस और प्राचार्य कार्यालय तथा अस्पताल के मुख्य गेट के सामने संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जनवादी महिला समिति की अध्यक्ष रंजना जरेट और सचिव फालमा चौहान, जिला अध्यक्ष सोनिया सब्रवाल, राज्य कमेटी सदस्य सुनिधि, शिमला नागरिक सभा के अध्यक्ष जगमोहन, सचिव विवेक कश्यप छात्र नेता अनिल ठाकुर, मजदूर नेता वीरेंद्र ने कहा कि गायनी ओपीडी को शिफ्ट करना गलत है। इससे महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। चेताया कि यदि फैसले वापस नहीं लिए तो आने वाले समय में आम जनता को साथ लेकर उग्र प्रदर्शन होंगे जिसमें सचिवालय का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर से मुलाकात की और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव को मांग पत्र भेजा।
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102 वर्ष पुराने अस्पताल को न बांटें
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 102 वर्ष से चल रहे कमला नेहरू एवं शिशु अस्पताल (केएनएच) का विभाजन किसी भी सूरत में न किया जाए। स्वास्थ्य क्षेत्र और संस्थानों में निजीकरण की केंद्र सरकार की नीतियों को लागू न करें। मरीजों पर थोपे गए शुल्क के फैसले को वापस लें। सरकार यदि महिलाओं को रोबोटिक सर्जरी, आईवीएफ सेंटर जैसी सुविधा आधुनिक चिकित्सा सुविधा देना चाहती है, तो कमला नेहरू अस्पताल में नए ब्लॉक का निर्माण कर इसे शुरू करें। इसके अलावा अस्पतालों में रिक्त पड़े डॉक्टरों, नर्सों, पैरा मेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के रिक्त पदों को जल्द भरने, आभा कार्ड से पर्ची बनाने की प्रक्रिया सरल करने, हिमकेयर कार्ड के तहत मरीजों को उपचार दिलाने की मांगें की गईं।