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Kangra News: संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति के बैनर तले निकाली रोष रैली, सरकार को भेजा ज्ञापन

Wed, 07 Feb 2024 04:22 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 07 Feb 2024 04:22 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश संयुक्त ट्रेड  यूनियन संघर्ष समिति के बैनर तले ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन कमेटी  के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद चौधरी, राज्य महासचिव रविंद्र सिंह रवि, इंटक के  
जिलाध्यक्ष संजय सैनी, सीटू के जिलाध्यक्ष रविंद्र कुमार के नेतृत्व में धर्मशाला में रोष मार्च निकाला। 

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Protest rally held under the banner of Joint Trade Union Struggle Committee, memorandum sent to govt
संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति के बैनर तले निकाली रोष रैली - फोटो : संवाद

विस्तार

अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को धर्मशाला में सैकड़ों मजदूर प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ गरजे। मजदूरों ने कोतवाली बस अड्डा से कचहरी अड्डा तक केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष  रैली निकाली और नारेबाजी की। बुधवार को हिमाचल प्रदेश संयुक्त ट्रेड  यूनियन संघर्ष समिति के बैनर तले ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन कमेटी  के  प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद चौधरी, राज्य महासचिव रविंद्र सिंह रवि, इंटक के   जिलाध्यक्ष संजय सैनी, सीटू के जिलाध्यक्ष रविंद्र कुमार के नेतृत्व में धर्मशाला में रोष मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन के  माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा  कि केंद्र सरकार ने 50 दिन काम करने वाले मनरेगा मजदूरों का निर्माण,  कामगार एवं कल्याण बोर्ड में बतौर लाभार्थी पंजीकरण बंद कर दिया।

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लेकिन प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने आते ही सभी निर्माण मजदूरों का ही पंजीकरण बंद कर दिया। पांच लाख मजदूर पंजीकृत हैं और उनकी योजना का लाभ बंद कर दिया।  1,31,000 क्लेम बोर्ड के पास तीन वर्ष से लंबित हैं और उन्हें नष्ट किया जा  रहा है। यूनियन की कानूनी तस्दीक बंद कर दी। गरीब मजदूरों को उनके कानूनी अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। भवन या अन्य निर्माण कामगार कानून का उल्लंघन हो रहा है। बोर्ड के सचिव और अन्य अधिकारियों को कानून की कोई  जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि 23 दिसंबर 2023 को सभी जिलाधीशों के  माध्यम से मुख्यमंत्री और श्रममंत्री को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। 
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ये हैं प्रमुख मांगें
मुख्य मांगों में निर्माण मजदूरों के तीन साल के लंबित क्लेम पास करना।  साल में 90 दिन कार्य करने वाले मनरेगा मजदूरों का बोर्ड में पंजीकरण करना, पंजीकृत निर्माण श्रमिक यूनियन की तस्दीक पर निर्माण श्रमिक का पंजीकरण, निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में स्थायी सचिव और अध्यक्ष की नियुक्ति, नवीनीकरण सरल करने, निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड का धन केवल मजदूर कल्याण पर ही खर्च करना, बड़े-बड़े भवन निर्माण और रियल इस्टेट कारोबारियों से लेबर सेस लिया जाना, दिसंबर 2022 से पहले की स्थिति बहाल  करना शामिल है।  धरने में हिमाचल प्रदेश निर्माण कामगार संघ के प्रदेशाध्यक्ष  राकेश शर्मा, भवन एवं अन्य निर्माण कामगार संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमन चौधरी सहित सैकड़ों महिलाओं और अन्य मजदूरों ने भाग लिया। 

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