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भर्ती के पुराने नियम लागू न किए तो तो प्रदर्शन : सीपीएम
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कहा, अस्थायी रोजगार देने में जुटी है सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने सरकारी विभागों में भर्ती नीतियों और नियमों में बदलाव का विरोध किया है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार पुराने नियमों को लागू नहीं करती है तो पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
सीपीएम ने कहा कि सरकार की ओर से काफी समय से विभागों में नई प्रकार से कर्मचारियों की भर्ती शुरू कर दी है। इसका कोई फायदा नहीं हो रहा है। विभागों में पार्ट टाइम, अंशकालीन, कैजुअल, आउटसोर्स, ठेका जैसे अस्थायी रोजगार सरकार देने में जुटी हुई है। इस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए और नियमित भर्ती की जाए और वेतन को भी ठीक प्रकार से दिया जाए।
राज्य सचिव संजय चौहान ने कहा कि सरकार की ओर से रोजगार देने के नाम पर युवाओं के भविष्य से खेलती जा रही है। विभागों में आउटसोर्स व अन्य तरीकों से कम वेतन या मानदेय दिया जा रहा है। इसमें भविष्य में रोजगार की सुरक्षा की कोई भी गारंटी नहीं है। सरकार की इन नीतियों से प्रदेश में युवाओं में आक्रोश बढ़ रहा है और बेरोजगारी के कारण गलत कदम उठाने के लिए मजबूर हो रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने सरकारी विभागों में भर्ती नीतियों और नियमों में बदलाव का विरोध किया है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार पुराने नियमों को लागू नहीं करती है तो पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
सीपीएम ने कहा कि सरकार की ओर से काफी समय से विभागों में नई प्रकार से कर्मचारियों की भर्ती शुरू कर दी है। इसका कोई फायदा नहीं हो रहा है। विभागों में पार्ट टाइम, अंशकालीन, कैजुअल, आउटसोर्स, ठेका जैसे अस्थायी रोजगार सरकार देने में जुटी हुई है। इस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए और नियमित भर्ती की जाए और वेतन को भी ठीक प्रकार से दिया जाए।
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राज्य सचिव संजय चौहान ने कहा कि सरकार की ओर से रोजगार देने के नाम पर युवाओं के भविष्य से खेलती जा रही है। विभागों में आउटसोर्स व अन्य तरीकों से कम वेतन या मानदेय दिया जा रहा है। इसमें भविष्य में रोजगार की सुरक्षा की कोई भी गारंटी नहीं है। सरकार की इन नीतियों से प्रदेश में युवाओं में आक्रोश बढ़ रहा है और बेरोजगारी के कारण गलत कदम उठाने के लिए मजबूर हो रहा है।
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