गुडन्यूज: सरकारी अस्पतालों में ईलाज करेंगे निजी चिकित्सक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में अब निजी चिकित्सा विशेषज्ञों की भी सेवाएं ली जाएंगी। टरशरी केयर सर्विस योजना को हिमाचल में लागू करने पर विचार चल रहा है।
इसके तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए प्रदेश के लोगों को राज्य से बाहर भटकना नहीं पड़ेगा। निजी क्षेत्र के चुनिंदा विशेषज्ञों को सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देने के लिए अनुबंधित किया जाएगा।
नड्डा ने दम तोड़ रहे भारत के पहले केंद्रीय अनुसंधान केंद्र कसौली के संरक्षण के लिए हर संभव मदद देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि येलो फीवर अन्य अन्य वैक्सीन का उत्पादन जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने शनिवार को सीआरआई कसौली का दौरा किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिमाचल में जल्द ही एम्स स्थापित किया जाएगा। उन्होंने सीआरआई के वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे इस संस्थान को देश एवं विश्व का सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान संस्थान बनाने में सहयोग दें।
तैयार होंगे एंटी रेबीज सिरम एंटी स्नेक सिरम के वायल
वहीं, सीआरआई निदेशक सुनील गुप्ता ने रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि संस्थान में डीटीपी समूह, टेटनस, एंटी स्नेक, एंटी रेबीज, एंटी टेटनस और एंटी डिप्थिरिया सिरम का उत्पादन किया जा रहा है।
वर्ष 2015-16 में डीपीटी की 95 लाख, टेटनस वैक्सीन की 125 लाख खुराक का लक्ष्य रखा है। एंटी रेबीज सिरम के 80 हजार तथा एंटी स्नेक सिरम के पांच हजार वायल तैयार करेंगे।
70 मेडिकल कॉलेज होंगे स्तरोन्नत
नड्डा ने कहा कि देश के 70 चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संस्थानों को स्तरोन्नत किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सभी राज्यों को सहायता प्रदान की जा रही है। वर्तमान में 9 और एम्स जैसे संस्थान स्थापित करने की योजना है जबकि 6 संस्थान कार्यरत हैं।