Bilaspur News: प्रीतम सिंह बोले- खिलाड़ियों को भी अन्य कर्मचारियों की तरह मिले पदोन्नति
पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रीतम सिंह ने कहा कि उन्हें गैर आईटीआई का हवाला देकर दो साल की बजाय चार साल बाद पदोन्नति के लिए कहा जा रहा है, जबकि वह भी अन्य कर्मचारियों की तरह पूरी सेवाएं देते हैं।
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हिमाचल बिजली बोर्ड में खेल कोटे से भर्ती हुए कर्मचारियों ने सरकार से पदोन्नति में अन्य कर्मचारियों की तरह तरजीह देने की मांग की है। पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रीतम सिंह ने कहा कि उन्हें गैर आईटीआई का हवाला देकर दो साल की बजाय चार साल बाद पदोन्नति के लिए कहा जा रहा है, जबकि वह भी अन्य कर्मचारियों की तरह पूरी सेवाएं देते हैं। इसलिए उन्हें भी दो साल में पदोन्नति दी जाए। बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों ने रात-दिन मेहनत करके अपने खेल कोटे बनाए हैं। बिजली बोर्ड के माध्यम से खिलाड़ियों को जॉइनिंग दी गई। ज्वाइनिंग के समय उन्हें जूनियर टीमेट और जूनियर हेल्पर सब स्टेशन के पद पर तैनाती दी गई। पिछली सरकार में बिजली बोर्ड में जूनियर शब्द हटाकर के सभी कर्मचारियों को टीमेट और हेल्पर बना दिया गया था।
अब जब टीमेट से सहायक लाइनमैन और हेल्पर से सब स्टेशन अटेंडेंट की पदोन्नति हो रही है, तब सभी टीमेट और हेल्पर सब स्टेशन को पदोन्नत नहीं किया जा रहा है। बिजली बोर्ड का कहना है कि उन्होंने आईटीआई वालों को नियमित सेवाओं के दो साल बाद और गैर आईटीआई वालों को चार साल के बाद पदोन्नत करना है। अगर ऐसा होता है तो सभी खिलाड़ियों को हर पद के लिए आईटीआई वालों से दो साल अधिक लगाने पड़ेंगे। प्रीतम ने कहा कि सभी खिलाड़ी अन्य कर्मचारियों के बराबर ही कार्य करते हैं। कहा कि उन्हें दो साल में पदोन्नति दी जाए या आईटीआई करने की सुविधा प्रदान की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री और खेल मंत्री विक्रमादित्य से मांग रखी कि इस विषय पर उचित कदम उठाए ताकि खिलाड़ियों का शोषण न हो।