अब हर पीएचसी में मिलेगी ये सुविधा
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हिमाचल में जल्द ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में बीमारियों की जांच के लिए लैब की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। खून, पेशाब और अन्य तरह की टेस्ट के लिए निजी लैब का रुख नहीं करना पड़ेगा। इतना ही नहीं पीएचसी में मरीजों को सभी तरह की दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराने की भी योजना है। ‘यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज’ योजना के तहत केंद्र सरकार यह व्यवस्था करने जा रही है। इस खर्चे का वहन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय करेगा।
केंद्रीय मंत्री डा.हर्षवर्धन ने शनिवार में दिल्ली में देश भर के स्वास्थ्य सचिवों की इस योजना पर राय ली, जिसमें हिमाचल प्रदेश की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विनीत चौधरी ने अपना पक्ष रखा। हिमाचल सहित देश के किसी भी राज्य में अभी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर किसी भी बीमारी की जांच करने की व्यवस्था नहीं है। तमिलनाडु को छोड़कर हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश सहित तमाम राज्यों के पीएचसी में डाक्टर की भारी कमी है।
केंद्र सरकार चाहती है कि पीएचसी स्तर पर हर हाल में डाक्टरों की व्यवस्था की जाए। बीमारियों की जांच करने के लिए लैब हो, जिससे बीमारी छोटे स्तर पर ही डायग्नोज हो सके। बीमारी का पता चलने पर उसे फ्री में दवा दी जाएगी। मोदी सरकार स्वस्थ भारत के सपने को साकार करना चाहती है।
हिमाचल की तस्वीर
हिमाचल प्रदेश में 300 से अधिक डाक्टरों के पद खाली हैं। सैकड़ों पीएचसी ऐसे हैं जहां की डाक्टर की कुर्सी लंबे अरसे से खाली है। कई पीएचसी फार्मासिस्ट के सहारे चल रहे हैं। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति विषम होने के कारण मरीजों को घंटों यात्रा करने के बाद या फिर निजी लैब में अपना मेडिकल टेस्ट कराना पड़ता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन ने हर राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों की राय ली है। केंद्र स्तर पर ही योजना का ब्यू प्रिंट तैयार करके सभी राज्यों को भेजा जाएगा। इसके बाद इसे लांच किया जाएगा। हिमाचल ने अपना पक्ष रखा कि केंद्र से अगर वित्तीय मदद मिले तो योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।
-विनीत चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य