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Shimla News: बच्चों को डायरिया से बचाने की तैयारी, अब होगी स्क्रीनिंग
Tue, 19 Aug 2025 12:10 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Updated Tue, 19 Aug 2025 12:10 AM IST
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कुल्लू। जिले में शून्य से पांच साल तक के बच्चों को डायरिया और दस्त की चपेट में आने से बचाने का अभियान जारी है।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले घर-द्वार पर बच्चों को ओरआरएस और जिंक की गोलियां उपलब्ध करवाई हैं। वहीं अब बच्चों तक पहुंच बनाकर उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी।
इसका जिम्मा आशा कार्यकर्ताओं को सौंपा गया है। बरसात के मौसम में बच्चे जलजनित रोगों की चपेट में न आएं, इसके लिए विशेष एहतियात बरत कर जिले के हजारों बच्चों तक पहुंच बनाई जा रही है। विगत 31 जुलाई तक दवा और ओआरएस का वितरण किया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग ने पांचों स्वास्थ्य खंडों जरी, नग्गर, बंजार, निरमंड और आनी और कुल्लू शहर के 11 वार्डों में बच्चों को चिह्नित किया जिन्हें तय शेड्यूल के अनुसार दवा और ओआरएस वितरित किया। अब बच्चों की विशेष निगरानी की जाएगी।
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इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि छोटे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता व्यस्कों के मुकाबले कम होती है। ऐसे में बच्चों को डायरिया की चपेट में आने से बचाने के लिए विशेष अभियान जारी है।
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इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले घर-द्वार पर बच्चों को ओरआरएस और जिंक की गोलियां उपलब्ध करवाई हैं। वहीं अब बच्चों तक पहुंच बनाकर उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी।
इसका जिम्मा आशा कार्यकर्ताओं को सौंपा गया है। बरसात के मौसम में बच्चे जलजनित रोगों की चपेट में न आएं, इसके लिए विशेष एहतियात बरत कर जिले के हजारों बच्चों तक पहुंच बनाई जा रही है। विगत 31 जुलाई तक दवा और ओआरएस का वितरण किया जा चुका है।
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स्वास्थ्य विभाग ने पांचों स्वास्थ्य खंडों जरी, नग्गर, बंजार, निरमंड और आनी और कुल्लू शहर के 11 वार्डों में बच्चों को चिह्नित किया जिन्हें तय शेड्यूल के अनुसार दवा और ओआरएस वितरित किया। अब बच्चों की विशेष निगरानी की जाएगी।
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इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि छोटे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता व्यस्कों के मुकाबले कम होती है। ऐसे में बच्चों को डायरिया की चपेट में आने से बचाने के लिए विशेष अभियान जारी है।