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हिमाचल पुलिस में आर्थिक अपराध शाखा बनाने की तैयारी
Tue, 20 Apr 2021 11:43 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 20 Apr 2021 11:43 AM IST
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हिमाचल प्रदेश पुलिस अब
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश पुलिस अब वित्तीय लेन-देन और फ्रॉड से जुड़े मामलों की जांच के लिए आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) बनाने की तैयारी में जुट गई है। पुलिस मुख्यालय प्रस्ताव बना रहा है, जिसमें इस विंग को बनाने और उसके क्षेत्राधिकार व किस तरह के अपराध के मामलों की जांच की जाएगी, इसका ब्योरा शामिल होगा। प्रस्ताव जल्द सरकार के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद इसे जमीन पर उतारा जाएगा। विंग बनने के बाद सेब बागवानों से धोखाधड़ी जैसे मामलों की जांच सीआईडी या पुलिस की बजाय इसी विंग को दी जाएगी।
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पिछले दो साल से सीआईडी की एक एसआईटी सेब बागवानों के साथ आढ़तियों और लदानियों की ओर से की गई धोखाधड़ी की जांच कर रही है। एसआईटी के पास करीब सौ से ज्यादा दर्ज एफआईआर के अलावा सैकड़ों शिकायतें पहुंची हैं, जिनमें सेब लेकर पैसा न चुकाने की शिकायत की गई है। अब तक की जांच में एसआईटी ने करीब दस करोड़ रुपये बागवानों को दिलावाए हैं। जनप्रतिनिधियों से लेकर बागवान तक स्थायी एसआईटी बनाने की मांग करते रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की मानें तो यह मूल रूप से पैसों के लेन-देन का सिविल डिस्प्यूट का मामला है, लेकिन किसी एजेंसी के न होने की वजह से हाईकोेर्ट के आदेश पर एसआईटी इसकी जांच कर रही है। हाल ही में विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने इस एसआईटी को लेकर मुख्यालय से सवाल जवाब किए थे। इस पर मुख्यालय ने कहा कि वह जल्द ईओडब्ल्यू का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजेगी जो इसी तरह के वित्तीय मामलों की जांच किया करेगी।
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