हिमाचल: बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन घरों में करवाने की तैयारी
हिमाचल में 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच शिक्षकों से घरों में ही करवाने की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से इस बाबत प्रस्ताव देने को कहा है। बोर्ड से प्रस्ताव आने के बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी। शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में गैर बोर्ड कक्षाओं पहली से चौथी, छठी-सातवीं और नवीं-जमा एक के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा परिणाम घोषित किए ही अगली कक्षाओं में प्रमोट करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। शिक्षा विभाग से इस बाबत प्रस्ताव देने को कहा गया है। विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही गैर बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थी अगली कक्षा में दाखिल माने जाएंगे।
पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी बिना परीक्षा परिणाम निकाले अगली कक्षा में भेजने की संभावना है, लेकिन पांचवीं कक्षा का हिंदी का पेपर रद्द होने के चलते अभी अंतिम फैसला नहीं हो सका है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि जमा दो कक्षा के कुछ ऑप्शनल और वोकेशनल विषयों के पेपर शेष हैं, जबकि अनिवार्य विषयों की परीक्षाएं हो चुकी हैं। ऐसे में परिणाम निकालने के लिए स्पॉट मूल्यांकन की जगह सीधे शिक्षकों के घरों में पेपर पहुंचाने का विचार है। ग्रेड बाद में दे दिए जाएंगे। नौवीं और जमा एक कक्षा के विद्यार्थियों को बेशक बिना परीक्षा परिणाम घोषित किए अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा, लेकिन स्कूल खुलने पर इनका परीक्षा परिणाम जारी होगा।
राज्यपाल ने लॉकडाउन के दौरान ई.लर्निंग सिस्टम के उपयोग पर दिया जोर
वहीं, राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शनिवार को प्रदेश के राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों के आठ कुलपतियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस से बैठक की। उन्होंने ऑनलाइन लर्निंग मॉड्यूल्स और सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग के साथ-साथ लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने के लिए अन्य तरीकों से कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए सरकारी स्तर पर उठाए जा रहे कदमों में योगदान देने पर चर्चा की। बैठक के दौरान सभी कुलपतियों ने राज्यपाल को लॉकडाउन व उनकी ओर से की गई विभिन्न पहलों के बारे में जानकारी दी।
राज्यपाल ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में जनता की एकता को दर्शाने के लिए रविवार को रात नौ बजे सभी लाइटें बंद करने और इसके अलावा मोबाइल फ्लैश लाइट, टॉर्च या दीपक जलाने की प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने लोगों से सामाजिक दूरी बनाए रखने और सुरक्षा उपायों में ढील न बरतने पर भी बल दिया। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि इस स्थिति में ऑनलाइन शिक्षा ही एकमात्र विकल्प है और इस विकल्प को सकारात्मक रूप से अपनाया जाना चाहिए ताकि कोर्स पूरे किए जा सकें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से विभिन्न ऑनलाइन स्टडी बेवसाइट तैयार की गई हैं। इन साइटों के उपयोग से विद्यार्थी घर से ही पढ़ाई कर सकते हैं। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने कांफ्रेंस का संचालन किया।