हिमाचल में भाजपा के सीएम पद को लेकर धूमल का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में सीएम चेहरा घोषित करने को लेकर भाजपा में चल रही माथापच्ची के बीच पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का बड़ा बयान आया है। उन्होंने सीएम पद के लिए अपने दावे को लेकर प्रेस नोट जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। धूमल ने अपने फेसबुक पेज पर भी प्रेसनोट को जारी किया है।
प्रेस नोट जारी कर धूमल ने कहा कि 2017 के चुनावों में जनता ने पार्टी को अपना आशीर्वाद देकर सत्तासीन किया है। पार्टी का आभारी हूं कि उसने मेरे नेतृत्व में यह चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। प्रदेश की जनता ने भी विश्वास प्रकट करते हुए दो तिहाई बहुमत प्रदान किया।
वहीं, शानदार जीत के बावजूद अपनी सीट हारने को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। कहा कि चुनावी नतीजों के दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि वह किसी पद की दौड़ में नहीं है और नेतृत्व का चयन पार्टी हाई कमान के अधिकार क्षेत्र में है।
इन कयासों पर लगा विराम
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने किसी भी पद की दौड़ में न होने की बात कह उनके नाम को लेकर चल रहे कयासों पर विराम लगा दिया है। ऐसे में सीएम पद के लिए मुकाबला अब और रोचक हो गया है।
हालांकि भाजपा हाईकमान ने गुजरात के बाद हिमाचल के सीएम का नाम भी तय कर दिया है। सीएम के नाम का एलान पर्यवेक्षक निर्मला सीतारमण और नरेंद्र तोमर रविवार दोपहर 12:30 बजे विधायक दल की बैठक में कर सकते हैं।
जीते विधायकों से जयराम ठाकुर जबकि विधायक दल से बाहर के नेता पर दांव खेला तो संसदीय बोर्ड की पहली पसंद जेपी नड्डा बताए जा रहे हैं। दबाव में दिख रहे धूमल खेमे के लिए इतनी राहत जरूर है कि समर्थक विधायकों को मंत्रिमंडल में तरजीह मिल सकती है।
पर्यवेक्षकों के सामने धूमल समर्थकों के शक्ति प्रदर्शन का नतीजा भी सामने आएगा। माना जा रहा है कि पर्यवेक्षकों ने खेमेबाजी को लेकर भी अपनी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को दी होगी।
शिमला में जुटे रहे विधायक
ईधर, मुख्यमंत्री के नाम तय करने के लिए एक तरफ दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व माथापच्ची करता रहा, जबकि विधायक शिमला में डटे रहे। विधायकों को शिमला और आसपास रहने के निर्देश पहले से दिए गए थे।
वरिष्ठ विधायक जयराम ठाकुर, राजीव बिंदल, सुरेश भारद्वाज शिमला में थे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भी अपने आवास पर थे। कुछ विधायक चंडीगढ़ गए थे, जिन्हें पार्टी ने दोपहर बाद रविवार को होने वाली विधायक दल की बैठक के बारे में सूचित कर बुला लिया।