धूमल ने किया जयराम के नाम का प्रस्ताव, नड्डा और शांता ने किया समर्थन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसे समय का फेर कहें या कुछ और कि जिस पद के लिए कभी पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का नाम चल रहा था, उसी पद पर जयराम ठाकुर के नाम के प्रस्तावक खुद प्रेम कुमार धूमल बन गए। विधायक दल की बैठक से पहले भाजपा कोर कमेटी की बैठक हुई।
इस बैठक में केंद्र से भेजे गए पर्यवेक्षक नरेंद्र सिंह तोमर और निर्मला सीतारमण के अलावा प्रदेश पार्टी प्रभारी मंगल पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्ड्रा के अलावा सांसद शांता कुमार, अनुराग ठाकुर, वीरेंद्र कश्यप और रामस्वरूप शर्मा शामिल हुए।
कोर कमेटी की बैठक शुरू होते ही तोमर ने मौजूद सदस्यों को केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में हुए निर्णय की जानकारी दे दी। इसके बाद अचानक सारी बाजी पलट गई। समीकरण कुछ ऐसे बने कि मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे प्रेम कुमार धूमल ही जयराम के नाम के प्रस्तावक बन गए।
इसके बाद जेपी नड्डा और सांसद शांता कुमार ने उनके नाम का समर्थन कर दिया। इसके फौरन बाद विधायक दल की बैठक हुई और उसमें कोर कमेटी के प्रस्ताव को विधायक सुरेश भारद्वाज, राजीव बिंदल और सरवीण चौधरी ने रख दिया।
विधायकों ने इसका समर्थन किया और इसके साथ ही विधिवत रूप से जयराम ठाकुर सत्ता पक्ष के नेता और मुख्यमंत्री पद के चेहरा बन गए। इसके बाद एक एक कर सभी पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया।
नाम के एलान तक नड्डा थे सबसे आगे
जयराम के नाम का आधिकारिक रूप से एलान होने से पहले तक हिमाचल के मुख्यमंत्री पद के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का नाम सबसे आगे चल रहा था। हाल यह था कि शिमला से लेकर बिलासपुर में नड्डा के घर तक उनके समर्थक जश्न मना रहे थे।
हालांकि कोर कमेटी की बैठक में साफ होते ही जश्न का रुख बिलासपुर से मंडी की ओर हो गए। वहीं, पीटरहॉफ के बाहर सैकड़ों की संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जयराम ठाकुर के नाम का एलान होते ही जश्न शुरू कर दिया। मंडी शैली में कुछ ने नाटी डाली तो कुछ नारेबाजी करते दिखे।
कंधे पर उठाया, फिर नाटी डाल मनाया जश्न
मुख्यमंत्री के लिए नाम की घोषणा के बाद जैसे ही जयराम राजभवन जाने के लिए होटल पीटरहॉफ के भवन से बाहर निकले, वहां मौजूद सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें कंधे पर उठा लिया और गोद में लेकर ही अपनों के बीच लेकर चले गए।
इसके बाद करीब आधे घंटे तक कार्यकर्ता उन्हें कांधे पर बैठाए पीटरहॉफ के प्रांगण में घुमाते रहे। काफी समझाने के बाद जोश से लबालब भरे कार्यकर्ता उन्हें उतारने के लिए तैयार हुए।
इसके बाद पारंपरिक वाद्य यंत्रों से निकलते मधुर संगीत पर कार्यकर्ताओं ने होटल परिसर में ही नाटी डालकर मंडी को पहली बार मुख्यमंत्री मिलने का जश्न मनाया।
दिग्गज बोले, अब मना जीत का असली जश्न
18 दिसंबर को परिणाम आने के बाद से अधर में लटके कार्यकर्ताओं ने रविवार को पीटरहॉफ में जमकर जश्न मनाया। जश्न के बीच पार्टी के दिग्गज नेताओं ने भी माना कि यह जीत का आसली जश्न है। मंडी से सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के चेहरे प्रेम कुमार धूमल की हार से हार का मजा किरकिरा हो गया था।
लेकिन अब नए मुख्यमंत्री का चेहरा मिलते ही एक बार फिर जश्न दोगुना हो गया है। वहीं, सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि नए चेहरे से हिमाचल के विकास को नई गति मिलेगी। शांता कुमार ने जयराम के मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए अच्छा काम करने का आशीर्वाद दिया।
वहीं, सांसद अनुराग ने भी बधाई दी और उम्मीद जताई कि जिस शिद्दत के साथ पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया, उसपर जयराम प्रदेश को और आगे ले जाएंगे।
अफसरों ने शुरू की हाजिरी
जयराम के नाम के एलान से पहले ही सूबे के दिग्गज अधिकारियों का भी पीटरहॉफ में जमावड़ा लग गया था। मुख्य सचिव से लेकर कई अतिरिक्त मुख्य सचिव, डीजीपी समेत तमाम विभागों के आला अधिकारी पीटरहॉफ में अपनी हाजिरी लगाते दिखे।
कुछ ने दूर से ही जयराम को प्रणाम किया तो कुछ ने शाम तक एकांत में उनसे मुलाकात कर अपनी जगह पक्की रखने की कोशिश की।